IND vs ENG: लॉर्ड्स टेस्ट में पूरी जान लगाने के बावजूद टीम इंडिया को 22 रनों से हार का मुंह देखना पड़ा। भारतीय बल्लेबाज 193 रनों के लक्ष्य का पीछा करने में नाकाम रहे। करुण नायर को लगातार फ्लॉप शो के बाद भी लॉर्ड्स में भी मौका दिया गया, लेकिन यहां भी उनका बल्ला पूरी तरह से खामोश ही रहा। तीसरे टेस्ट में मिली हार के बाद करुण को प्लेइंग 11 से बाहर करने की मांग उठ रही है। करुण को प्लेइंग 11 में रिप्लेस करने के लिए रेस में दो नाम सबसे आगे हैं। पहला अभिमन्यु ईश्वरन और दूसरा साई सुदर्शन। भारत के पूर्व क्रिकेटर दीप दासगुप्ता का मानना है कि चौथे टेस्ट में भारतीय टीम को करुण की जगह पर सुदर्शन को मौका देना चाहिए।
करुण की जगह किसको मिले मौका?
दीप दासगुप्ता ने जियोहॉटस्टार के साथ बातचीत करते हुए टीम इंडिया को प्लेइंग 11 में एक बदलाव करने की सलाह दी। उन्होंने कहा, “प्लेइंग 11 में आपको एक से ज्यादा बदलाव की जरूरत नहीं है। अगर एक चेंज करना हो, तो करुण नायर की जगह पर साई सुदर्शन को मौका मिलना चाहिए। इसका कारण यह है कि करुण ने कुछ खास रन नहीं बनाए हैं। उन्हें शुरुआत तो अच्छी मिली है, लेकिन वह उसे बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सके। मेरा ऐसा मानना है कि वह क्रीज पर असहज भी दिखाई दिए। इसके साथ ही दूसरी बात यह है कि साई सुदर्शन एक युवा खिलाड़ी हैं। अगर आप इंग्लैंड सीरीज में किसी प्लेयर पर इंवेस्ट करना चाहते हैं, तो एक यंग प्लेयर पर कीजिए। करुण को सभी टेस्ट मैचों में अच्छी शुरुआत मिली, लेकिन वह लय में दिखाई नहीं दिए।”
पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने आगे कहा, “ऐसे में अगर आप भविष्य को ध्यान में रखते हुए टीम तैयार करना चाहते हैं, तो साई सुदर्शन जैसे बल्लेबाज में इंवेस्ट कीजिए। मुझे नहीं पता कि इसके बाद आप इंग्लैंड में सीरीज खेलने कब आएंगे, ऐसे में बचे हुए दो टेस्ट मैचों में साई सुदर्शन को मौका दिया जाना चाहिए।”
फ्लॉप रहे करुण नायर
करुण नायर को लगातार तीन टेस्ट मैचों में मौका दिया गया, लेकिन वह हर बार अच्छी शुरुआत के बाद अपना विकेट फेंककर चलते बने। लॉर्ड्स टेस्ट की पहली पारी में उन्होंने 40 रन बनाए, लेकिन इस इनिंग को बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सके। 6 पारियों में करुण अब तक सिर्फ 131 रन ही बना सके हैं। इस दौरान उन्होंने एक भी अर्धशतक तक नहीं लगाया है। साई सुदर्शन को भी हेडिंग्ले टेस्ट में मौका दिया गया था, पर वह बल्ले से कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके थे। पहली इनिंग में वह बिना खाता खोले चलते बने थे, तो दूसरी इनिंग में सिर्फ 30 रन ही बना सके थे।