Mohammed Shami: मोहम्मद शमी और सिलेक्टर्स के बीच में इन दिनों शायद सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. शमी ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर नजरअंदाज होने के बाद साफ शब्दों में कहा था कि वह पूरी तरह से फिट हैं और वह अगर चार दिवसीय मैच खेल सकते हैं, तो वह 50 ओवर के फॉर्मेट में टीम इंडिया का भी प्रतिनिधत्व कर सकते हैं.
शमी के बयान पर अजीत आगरकर ने अपनी बात भी रखी थी. आगरकर ने कहा था कि अगर शमी यह बातें उनसे कहते तो वह भारतीय फास्ट बॉलर को जवाब देते. हालांकि, शमी के सिलेक्शन को लेकर जारी बहस के बीच एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है.
शमी के सिलेक्शन पर हुआ बड़ा खुलासा
मोहम्मद शमी ने अपने बयान में कहा था कि उन्हें सिलेक्शन या उनकी फिटनेस जानने को लेकर कोई भी कॉल नहीं आया था. हालांकि, पीटीआई के साथ बातचीत करते हुए बीसीसीआई के एक अधिकारी ने शमी की बात को गलत ठहराया है.
उन्होंने कहा, “कई दफा ऐसा हुआ कि नेशनल सिलेक्टर और बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के सपोर्टिंग स्टाफ ने शमी का हाल जानने के लिए कई बार फोन किया. सिलेक्शन कमिटी इंग्लैंड में शमी की सेवाएं लेना चाहती थी. इसका कारण यह था कि जसप्रीत बुमराह को सिर्फ तीन ही टेस्ट मैच खेलने थे. इंग्लिश की कंडिशंस में कौन ही शमी के लेवल का गेंदबाज नहीं चाहेगा.”
उन्होंने आगे बताया कि शमी को कई बार मैसेज भेजकर उनकी फिटनेस जानने का प्रयास किया गया. इसके साथ ही उन्हें इंडिया-ए की तरफ से कैंटरबरी या फिर नॉर्थम्पटन में इंग्लैंड लायंस के खिलाफ खेलने के लिए भी कहा गया था. इसके जवाब में शमी का कहना था कि उन्हें अभी भी अपना कार्यभार बढ़ाना है और इस कारण इंग्लैंड सीरीज के लिए उनके नाम पर विचार ना किया जाए.
‘आखिरी फैसला नेशनल सिलेक्टर ही लेंगे’
बोर्ड के सीनियर अधिकारी ने आगे कहा, “यह कहना कि शमी से कोई भी बातचीत नहीं हुई है यह पूरी तरह से गलत है. डॉक्टर्स की टीम के पास उनकी मेडिकल रिपोर्ट भी मौजूद है. यह भी देखना अहम होता है कि खिलाड़ी की बॉडी इंटरनेशनल क्रिकेट की कठिनाइयों को झेलने के लिए रेडी है या फिर नहीं. शमी को बेशक लग सकता है कि वह वनडे क्रिकेट के लिए पूरी तरह से फिट हैं, लेकिन इस पर आखिरी फैसला नेशनल सिलेक्टर ही लेंगे.”