Shubman Gill IND vs ENG: टेस्ट कप्तान के तौर पर शुभमन गिल के सफर का आगाज अच्छा नहीं हुआ है। हेडिंग्ले में खेले गए पहले टेस्ट मैच में टीम इंडिया को इंग्लैंड के हाथों 5 विकेट से हार का मुंह देखना पड़ा। भारतीय गेंदबाज 371 रनों का बचाव करने में नाकाम रहे। ना बुमराह कुछ कमाल दिखा सके और ना ही सिराज-कृष्णा की बॉलिंग में वो धार नजर आई। शार्दुल ने दो विकेट तो निकाले, लेकिन तब तक बाजी हाथ से निकल चुकी थी। पहला विकेट ही टीम इंडिया को 42 ओवर बाद नसीब हुआ। कप्तान गिल ने हेडिंग्ले में मिली हार की असली वजह बताई है।
गिल ने बताई हार की वजह
शुभमन गिल ने पहले टेस्ट मैच में मिली हार के बाद कहा, “मेरे हिसाब से यह टेस्ट मैच कमाल का रहा। हमारे जीतने के चांस थे, लेकिन हमने कैच टपकाए और हमारे निचले क्रम के बल्लेबाजों ने ज्यादा योगदान नहीं दिया। हालांकि, मुझे अपनी टीम पर गर्व है और ओवरऑल यह अच्छा एफर्ट था। कल हम सोच रहे थे कि हम 430 रन बनाकर पारी को घोषित कर देंगे। हालांकि, दुर्भाग्यपूर्व रहा कि हमने अपने आखिरी 6 विकेट सिर्फ 20 से 25 रन बनाकर गंवा दिए, जो अच्छे संकेत नहीं हैं। आज भी अच्छी ओपनिंग पार्टनरशिप के बावजूद हमको अपने जीतने के चांस लगे थे, लेकिन नतीजा हमारे पक्ष में नहीं गया।”
टीम इंडिया के नए टेस्ट कप्तान ने दोनों ही पारियों में बुरी तरह से लड़खड़ाए बैटिंग ऑर्डर को लेकर कहा, “हां, इसको लेकर हमने बात की है। यह एक ऐसी चीज है जिसमें हमें आने वाले मैचों में सुधार करना होगा।” गिल ने मैच में छूटे कई कैच को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा, “बिल्कुल, ऐसी विकेट पर आपके पास आसानी से चांस नहीं आते हैं और हमने कई कैच टपकाए। हालांकि, मेरा मानना है कि अभी यह एक यंग टीम है, जो सीख रही है। उम्मीद है कि आने वाले मैचों में हम हर चीज में सुधार करेंगे।”
148 साल में पहली बार हुआ ऐसा
भारतीय बल्लेबाजों ने दोनों ही पारियों में जबरदस्त प्रदर्शन करके दिखाया, लेकिन बॉलर्स ने हेडिंग्ले में नाक कटाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। 19 ओवर डालने के बावजूद बुमराह एक विकेट तक नहीं निकाल सके। वहीं, सिराज की भी झोली खाली रह गई। टेस्ट क्रिकेट के 148 साल के इतिहास में यह पहला मौका है जब बल्लेबाजों द्वारा पांच शतक लगाने के बावजूद किसी टीम को हार का मुंह देखना पड़ा है। यह शर्मनाक रिकॉर्ड टीम इंडिया के नाम अब दर्ज हो गया है। टेस्ट के आखिरी दिन पहले सेशन में भारतीय गेंदबाज कोई विकेट नहीं निकाल सके। जैक क्राउली और बेन डकेट की सलामी जोड़ी के आगे बुमराह-सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा की तिकड़ी पूरी तरह से बेबस नजर आई। इसके साथ ही रविंद्र जडेजा की फिरकी भी कोई कमाल नहीं दिखा सकी।