समुद्र की गहराई अपने ज़्यादातर जीवों को छिपाकर रखती हैं और कुछ को तो शायद ही कभी ज़िंदा बाहर आने देती है. इसकी सबसे अजीब शार्क में से एक ऐसी थी जो सौ से ज़्यादा सालों तक लोगों को सिर्फ़ अपनी मौत के वक़्त ही दिखाई दी; उसे मछली पकड़ने वाली डोरी से खींचकर ऊपर लाया जाता था, ताकि वो अनजान पानी में दम तोड़ दे. अब ये स्थिति बदल गई है. यूनिवर्सिटी ऑफ़ हवाई एट मानोआ की अगुवाई में समुद्र-वैज्ञानिकों की एक टीम ने गोब्लिन शार्क (मिट्सुकुरिना ओवेस्टोनी) को उनके प्राकृतिक, गहरे समुद्र वाले आवास में पहली बार जीवित अवस्था में देखने की रिपोर्ट दी है.

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सिर्फ़ मरते हुए गोब्लिन शार्क ही रिकॉर्ड किए गए

इस काम से पहले, लोगों ने जो भी ज़िंदा गोब्लिन शार्क देखीं, वो असल में मर चुकी थीं. मछुआरे उन्हें हुक में फंसाकर ऊपर खींच लाते थे, जहां गोताखोर उन्हें कुछ देर के लिए देख पाते थे, लेकिन सतह पर पहुंचते-पहुंचते वो मर जाती थीं. किसी ने भी गोब्लिन शार्क को उसके असली रहने की जगह पर ज़िंदा और ठीक-ठाक हालत में कभी रिकॉर्ड नहीं किया था. ये प्रजाति अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी को पूरी तरह से छिपाकर रखती थी. 'जर्नल ऑफ़ फ़िश बायोलॉजी' में छपी नई स्टडी में गहरे समुद्र में रहने वाली गोब्लिन शार्क की दो स्वस्थ शार्क को उनके प्राकृतिक आवास में देखा गया है. इनमें से एक जार्विस आइलैंड के पास एक सीमाउंट (समुद्र के नीचे पहाड़) पर और दूसरी टोंगा ट्रेंच की ढलान पर देखी गई.

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अब गहराई में जीवित

डीप-सी फ़िश इकोलॉजी लैब और डीप-सी एनिमल रिसर्च सेंटर (DARC) में डॉक्टरेट कर रहे और इस रिसर्च पेपर के मुख्य लेखक एरन जुडा ने कहा कि हरे समुद्र में पाई जाने वाली सभी शार्क में सबसे मशहूर गोब्लिन शार्क को उसके प्राकृतिक आवास में जीवित और स्वस्थ देखना एक अनोखा सम्मान है. रिसर्चर कभी-कभी गोब्लिन शार्क को 'जीवित जीवाश्म' (living fossils) कहते हैं. ये प्रजाति अपने परिवार की एकमात्र जीवित सदस्य है. ये शार्क का ऐसा वंश है जो लगभग 125 मिलियन साल पुराना है. इसे जीवित और स्वस्थ अवस्था में पाना ही अपने आप में बहुत दुर्लभ बात है. ऐसे इलाके में दो शार्क मिलना, जहां इनके पाए जाने की उम्मीद नहीं थी, इस खोज को और भी चौंकाने वाला बनाता है. इन दोनों घटनाओं से गोब्लिन शार्क की ज्ञात गहराई और भौगोलिक विस्तार, दोनों का दायरा काफी बढ़ जाता है. हर एक शार्क अलग महासागर से, अलग रिसर्च जहाज़ से और खोजने के अलग तरीके से मिली थी.

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पुराने फुटेज में छिपा हुआ गोब्लिन शार्क

इसे पहली बार किसी नए अभियान के दौरान नहीं देखा गया था. ये उस फुटेज की बारीकी से जांच करने पर मिला जो सालों से एक पब्लिक आर्काइव में रखा हुआ था. 2025 में, जुडा को DARC के साथियों से पता चला कि 2019 में 'ओशन एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट' के E/V नॉटिलस अभियान के दौरान एक गोब्लिन शार्क देखी गई थी. उस क्रूज़ ने किंगमैन रीफ, पाल्मीरा एटोल और जार्विस आइलैंड के पास गहरे समुद्र के इकोसिस्टम की खोज की थी. जूडा ने कहा कि ये सुनकर उन्हें हैरानी हुई क्योंकि ये नहीं पता था कि यह प्रजाति सेंट्रल पैसिफिक में भी पाई जाती है. इस टीम ने रिमोट से चलने वाली गाड़ी हरक्यूलिस पर लगे कैमरे से अपनी डाइव को फ़िल्माया था, फिर फुटेज को सबके लिए पब्लिक में आर्काइव कर दिया था ताकि कोई भी पढ़ सके. जूडा ने उन रिकॉर्ड्स को दोबारा देखा और कन्फर्म किया कि टीम ने जार्विस आइलैंड के उत्तर-पश्चिम में एक अनजान सीमाउंट पर लाइवस्ट्रीम डाइव के दौरान एक गॉब्लिन शार्क को पकड़ा था.

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