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इंग्लैंड के समरसेट तट पर 11 साल की बच्ची की खोज ने वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया. समुद्र किनारे मिले जीवाश्म से पता चला कि ये लगभग 25 मीटर लंबा प्राचीन समुद्री रेप्टाइल था. वैज्ञानिकों ने इसे Ichthyotitan severnensis नाम दिया है और इसे अब तक का सबसे बड़ा समुद्री रेंगने वाला जीव माना जा रहा है.
दुनिया के सबसे बड़े समुद्री रेप्टाइल की खोज

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Ichthyotitan severnensis के जीवाश्म से ये लगता है कि ये आकार में ब्लू व्हेल के बराबर था. इस खोज ने प्रीहिस्टोरिक समुद्री जीवों के बारे में वैज्ञानिकों की समझ को और भी गहरा कर दिया है.
11 साल की बच्ची की खोज ने बदली कहानी

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इस महत्वपूर्ण खोज में सबसे दिलचस्प बात ये है कि इसका पहला जीवाश्म एक 11 साल की बच्ची रूबी रेनॉल्ड्स ने खोजा था. वो अपने पिता के साथ इंग्लैंड के समरसेट तट पर जीवाश्म खोज रही थी, तभी उसे एक असामान्य बड़ी हड्डी का टुकड़ा मिला. बाद में वैज्ञानिकों ने जांच की तो पता चला कि ये एक विशाल समुद्री जीव के जबड़े का हिस्सा है.
समुद्र किनारे मिला विशाल जबड़े का जीवाश्म

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रूबी को जो जीवाश्म मिला था वो लगभग 2 मीटर लंबा जबड़े का हिस्सा था. ये जीवाश्म इतना बड़ा था कि वैज्ञानिकों को तुरंत समझ आ गया कि ये किसी असाधारण रूप से बड़े जीव का हिस्सा हो सकता है. इसके बाद वैज्ञानिकों की टीम ने उस इलाके में और खोजबीन की और कई बाकी हिस्सों की भी स्टडी की.
202 मिलियन साल पहले समुद्रों में रहता था ये जीव

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वैज्ञानिकों के मुताबिक, ये समुद्री सरीसृप लगभग 202 मिलियन साल पहले ट्रायसिक काल के आखिरी दौर में महासागरों में रहता था. उस समय पृथ्वी पर डायनासोर का युग था और समुद्रों में भी कई विशाल शिकारी मौजूद थे.ये जीव उस समय के समुद्री इकोसिस्टम का सबसे बड़ा शिकारी रहा होगा.
ब्लू व्हेल के बराबर था आकार

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फॉसिल के अध्ययन के आधार पर वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस जीव की लंबाई लगभग 25 मीटर यानी करीब 82 फीट रही होगी. ये आकार आधुनिक समय की सबसे बड़ी जीवित प्रजाति ब्लू व्हेल के बराबर है. इतने विशालकाय समुद्री रेप्टाइल की मौजूदगी से ये साफ होता है कि प्राचीन महासागर भी बेहद विशाल और शक्तिशाली जीवों से भरे हुए थे.
इक्थियोसॉर परिवार का सदस्य था ये जीव

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ये जीव इक्थियोसॉर नामक समुद्री रेप्टाइल्स के ग्रुप से जुड़ा था. ये जीव दिखने में कुछ हद तक आधुनिक डॉल्फिन जैसे लगते थे, लेकिन वास्तव में ये रेप्टाइल थे. इक्थियोसॉर लाखोंसालों तक समुद्रों में प्रमुख शिकारी रहे और उनकी कई प्रजातियां अलग-अलग आकार में पाई जाती थीं.
वैज्ञानिकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण खोज

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इस नई प्रजाति की पहचान से वैज्ञानिकों को ये समझने में मदद मिल रही है कि ट्रायसिक काल के अंत में समुद्री जीव कितने बड़े आकार तक विकसित हो चुके थे. इससे ये भी पता चलता है कि उस समय समुद्री इकोसिस्टम बेहद समृद्ध और जटिल था.
(All Photos Credit: AI)