Scientists reveal Mars battery that can operate for months on a single charge: टूथब्रश, कार की चाबी, मोबाइल, हाथघड़ी और कार तक हमें कई छोटी और बड़ी चीज में बैटरी की जरूरत पड़ती है। अब वैज्ञानिकों ने ऐसी बैटरी बना ली है जो एक बार फुल चार्ज होने पर करीब 12 महीने बड़ी आसानी से चल जाती है, इस बैटरी से हमारे कई काम आसान होंगे।
दरअसल, इस बैटरी को चीन के वैज्ञानिकों ने मंगल ग्रह पर यूज करने के लिए बनाया है। लेकिन इससे कार समेत अन्य कामों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। फिलहाल चीन ने इस बारे में ये जानकारी शेयर नहीं की है कि इसे मंगल ग्रह के अलावा किन चीजों में यूज किया जाएगा।
भारत से मंगलयान को मंगल तक पहुंचने में 9 महीने का समय लगा
बता दें मंगल ग्रह पर मनुष्यों को भेजना और फिर यह सुनिश्चित करना कि वे जीवित रहें, इसके लिए लगातार अलग-अलग देश काम कर रहे हैं। मंगल ग्रह के पृथ्वी से बहुत अलग भोगौलिक स्थिति है। बता दें भारत से मंगलयान को मंगल तक पहुंचने में 9 महीने का समय लगा था।
रोवर्स और अन्य उपकरणों में बैटरी का यूज
मंगल पर जाने वाले रोवर्स और अन्य उपकरणों में इस नई बैटरी को यूज किया जाएगा। पृथ्वी से मंगल तक जाने पर कई चीजों में ऊर्जा या बैटरी की जरूरत पड़ती है। बता दें ये बैटरी चीन के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की एक टीम ने तैयार की है।
दिन और रात के तापमान में अंतर
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस बैटरी का वजन काफी कम है, जिससे यह अंतरिक्ष मिशनों के लिए ज्यादा बेहतर है। बता दें मंगल ग्रह के वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड (95.32%), नाइट्रोजन (2.7%), आर्गन (1.6%), ऑक्सीजन (0.13%) और कार्बन मोनोऑक्साइड (0.08%) मौजूद हैं। इसके दिन और रात के तापमान में लगभग 60 डिग्री सेल्सियस का अंतर होता है। यहां किसी भी बैटरी को इन परिस्थितियों में पूरी तरह से काम करने की जरूरत होती है।
गैसों को ईंधन के रूप में इस्तेमाल करेगी
वैज्ञानिकों के अनुसार ये बैटरी सीधे मंगल ग्रह के वायुमंडल में मौजूद गैसों को ईंधन के रूप में इस्तेमाल कर सकती है। मंगल ग्रह की बैटरी लगातार रसायनों के साथ प्रतिक्रिया करती है और गैसों को ईंधन के रूप में इस्तेमाल करती है। इससे नियमित बैटरी की तरह ऊर्जा को संग्रहीत करने की जरूरत नहीं पड़ती है।
संबंधित खबरें
SpaceX का सुपर हैवी रॉकेट Starship लॉन्च, वहां जाने का इरादा जहां पहले कोई इंसान न पहुंचा हो
3 days agoसोलर सिस्टम के बाहर भी है जीवन? पृथ्वी से 63 प्रकाश-वर्ष दूर एक ग्रह पर मिले रहस्यमय रेडियो सिग्नल
5 days agoAI बताएगा बारिश का हाल, लेकिन 2070 की तैयारी आज से करनी होगी
6 days agoCyclone Arnab: चक्रवात का कैसे पड़ा नाम 'अर्नब', क्या मचाने वाला है कोहराम? अगले कुछ दिन कैसा रहेगा मौसम
9 days ago'पृथ्वी पर किस चीज को हम लेते हैं फॉर ग्रांटेड, जो स्पेस में नहीं?' सुनीता विलियम्स ने दिया इस सवाल का मजेदार जवाब
22 days agoमौसम का सितम नहीं झेल पाएंगे भारत के ये शहर! दुनिया के टॉप 20 'डेंजर' सिटी में शामिल है नाम
23 days ago'बेबुनियाद और गलत', ISRO ने निजीकरण की अफवाहों पर दिया करारा जवाब, जानिए क्या है पूरा मामला?
25 days agoISRO ने अंतरिक्ष में रचा इतिहास, 'नॉटी ब्वॉय' GSLV-F17 के साथ लॉन्च हुआ 'बाज' सैटेलाइट EOS-05, दुश्मन की हरकतों पर रखेगा नजर
27 days ago1.5 डिग्री गर्म होने की कगार पर धरती, भारत पर मंडरा रहा कौन सा बड़ा खतरा? UN की रिपोर्ट ने बजाई खतरे की घंटी
28 days ago14000000 जिंदगियों पर मंडराया खतरा, समुद्र में मुंबई-कोलकाता के डूबने की चेतावनी, पढ़ें UN की रिपोर्ट
29 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines