Vaishakh Purnima 2025: 11 या 12 मई, कब है वैशाख पूर्णिमा? जानें तिथि और विष्णु-लक्ष्मी जी की पूजा का शुभ मुहूर्त

हर साल वैशाख माह में आने वाली पूर्णिमा तिथि को वैशाख पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है, जिस दिन विष्णु-लक्ष्मी जी और चंद्र देव की पूजा की जाती है। चलिए जानते हैं इस साल 11 मई या 12 मई, किस दिन वैशाख पूर्णिमा का व्रत रखा जाएगा।

Vaishakh Purnima 2025

वैशाख पूर्णिमा की पूजा विधि

सनातन धर्म के लोगों के लिए साल में आने वाली प्रत्येक 12 पूर्णिमा तिथि का खास महत्व है, जिसमें से वैशाख माह में आने वाली पूर्णिमा तिथि को पूजा-पाठ के लिए अति शुभ माना जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, वैशाख पूर्णिमा साल की दूसरी पूर्णिमा है जो नरसिंह जयंती के ठीक बाद आती है।

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वैशाख पूर्णिमा के शुभ दिन मां लक्ष्मी और विष्णु जी की पूजा की जाती है। साथ ही चंद्र देव को जल अर्पित करना भी शुभ माना जाता है। इसके अलावा पूर्णिमा तिथि पर कुछ लोग किसी पवित्र नदी में स्नान और जरूरतमंद लोगों को दान भी देते हैं। चलिए जानते हैं इस साल किस दिन वैशाख पूर्णिमा का व्रत रखा जाएगा। साथ ही आपको देवी-देवताओं की पूजा और चंद्रोदय के सही समय के बारे में पता चलेगा।

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2025 में वैशाख पूर्णिमा कब है?

वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार, इस साल वैशाख माह की पूर्णिमा तिथि का आरंभ 11 मई 2025, वार रविवार को रात 08 बजकर 01 मिनट से हो रहा है, जिसका समापन अगले दिन 12 मई 2025, दिन सोमवार को देर रात 10 बजकर 25 मिनट पर होगा। उदयातिथि के आधार पर इस साल 12 मई 2025, वार सोमवार को वैशाख पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा। 12 मई 2025 को शाम 6 बजकर 51 मिनट पर चंद्रोदय होगा, जबकि 13 मई 2025 को प्रात: काल 5 बजकर 49 मिनट पर चंद्रास्त होगा।

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12 मई 2025 के मुहूर्त

  • राहुकाल- सुबह में 7:29 से लेकर 9:07 मिनट तक
  • अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:57 से लेकर दोपहर 12:49 मिनट तक
  • अमृत काल- देर रात 11:18 से लेकर अगले दिन की सुबह 01:05 मिनट तक
  • ब्रह्म मुहूर्त- प्रात: काल में 04:14 से लेकर 05:02 मिनट तक

वैशाख पूर्णिमा की पूजा विधि

  • ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि कार्य करने के बाद शुद्ध पीले रंग के कपड़े धारण करें।
  • विष्णु जी और देवी लक्ष्मी की पूजा करें।
  • देवी-देवताओं को फल, फूल, अक्षत, चंदन और मिठाई का भोग लगाएं।
  • हाथ जोड़कर व्रत का संकल्प लें और आरती करें।
  • ब्राह्मण को भोजन कराएं और उन्हें दक्षिणा दें।
  • जरूरतमंद लोगों को दान दें।
  • रात के समय चंद्र देव की पूजा करें और उन्हें जल अर्पित करें।

वैशाख पूर्णिमा पर किन चीजों का दान करना चाहिए?

  • पानी से भरा घड़ा
  • मिठाई
  • शक्कर
  • तिल
  • धन
  • वस्त्र

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है।News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है

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