द्रिक पंचांग के अनुसार 23 अप्रैल 2025 बुधवार की सुबह 12 बजकर 31 मिनट से पंचक की शुरुआत होने वाली है। यह पंचक 27 अप्रैल 2025 रविवार की सुबह 3 बजकर 39 तक रहने वाले हैं। पंचक के इन 5 दिनों में कुछ कार्यों को करने की मनाही होती है।
कालप्रभोधिनी, नारद संहिता, मुहूर्त चिंतामणि जैसे शास्त्रों के अनुसार पंचक 5 प्रकार के होते हैं। इनमें अग्नि, चोर, राज, रोग और मृत्यु पंचक आते हैं। इन सभी पंचकों में अलग-अलग विपत्तियां आने की संभावना होती है। इन पंचकों को निर्धारण चंद्रमा की नक्षत्रों में स्थिति के अनुसार होता है।
कैसे होता पंचकों का निर्धारण?
जब चंद्रमा धनिष्ठा नक्षत्र में होता है तो अग्नि पंचक लगता है। इसमें आग, दुर्घटनाएं और आग से होने वाले नुकसान की संभावना अधिक हो जाती हैं। वहीं, चंद्रमा के शतभिषा नक्षत्र में उपस्थित होने पर चोर पंचक लगते हैं। इस दौरान चोरी, धन हानि और धोखाधड़ी का खतरा बढ़ जाता है।
चंद्रमा के पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में उपस्थित होने पर राज पंचक लगता है। इस दौरान प्रशासनिक, राजनीतिक कार्यों में सफलता, लेकिन विवाद की आशंका रहती है। वहीं, उत्तरभाद्रपद नक्षत्र में होने पर रोग पंचक होता है और इस दौरान बीमारियों और स्वास्थ्य समस्याओं में वृद्धि होती है। रेवती में चंद्रमा होने पर मृत्यु पंचक लगता है। इस दौरान परिवार में अशुभ घटनाएं, विशेष रूप से मृत्यु संबंधित आशंकाएं बनी रहती हैं।
23 अप्रैल से लगेगा चोर पंचक
23 अप्रैल 2025 को चंद्रमा शतभिषा नक्षत्र में होंगे। इस कारण इस दौरान चोर पंचक लगेगा। इस पंचक में धन हानि, चोरी, धोखाधड़ी और आपराधिक घटनाएं बढ़ जाती है। इस पंचक में 5 कामों को करने की मनाही होती है। आइए जानते हैं कि वे कौन से 5 काम हैं, जो इस पंचक के दौरान नहीं करने चाहिए।
नया व्यापार या निवेश न करें
चोर पंचक के समय कोई भी नया व्यापार या स्टार्टअप शुरू नहीं करना चाहिए। इस समय पर किसी भी प्रकार का निवेश भी शुभ नहीं होता है। मान्यता है कि इस अवधि में किए गए निवेश से आर्थिक नुकसान हो सकता है।
न खरीदें कीमती वस्तुएं
इस पंचक में कीमती वस्तुओं की शॉपिंग से बचना चाहिए। इस दौरान सोना, चांदी, वाहन, प्रॉपर्टी, घर, मोबाइल, लैपटॉप जैसी महंगी चीजें खरीदने से बचना चाहिए। इस दौरान खरीदे गए सामान जल्दी चोरी हो सकते हैं या फिर खराब भी हो सकते हैं।
धन के लेन-देन में बरतें सावधानी
इस पंचक में धन के लेन-देन मतलब उधार लेने या देने से बचना चाहिए। माना जाता है कि इस दौरान उधार दिए गए पैसे का वापस मिलना काफी मुश्किल होता है। वहीं, उधार लेने वाले की भी आर्थिक स्थिति खराब हो जाती है।
न करें जॉब चेंज
चोर पंचक के दौरान नई जॉब ज्वाइन नहीं करनी चाहिए, ऐसा करने से जॉब में स्थिरता नहीं रहती है और जॉब छूटने की संभावना बनी रहती है। इसके साथ ही व्यापार में नई पार्टनरशिप से बचना चाहिए।
यात्रा से बचें
इस पंचक के दौरान दक्षिण दिशा की यात्रा से खासकर बचना चाहिए। ऐसा करने से सामान खोने या दुर्घटना होने जैसी समस्या हो सकती है।
चोर पंचक में करें ये काम
- चोर पंचक में हनुमान चालीसा का पाठ करें। इसके साथ ही हनुमान जी को गुड़ चने का भोग लगाएं। संभव हो सके तो उनको चमेली के तेल और सिंदूर का चोला अर्पित करें।
- भगवान शिव को जल, बेलपत्र, धतूरा चढ़ाएं और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
- चोर पंचक में धन हानि से बचने के लिए श्रीसूक्त का पाठ करना चाहिए। शुक्रवार को माता लक्ष्मी के मंदिर में चावल, दूध और मिश्री का दान करें।
- अगर पंचक में यात्रा काफी आवश्यक हो तो गुड़ खाकर और हनुमान चालीसा पढ़कर यात्रा शुरू करनी चाहिए।
- धार्मिक स्थल पर कुछ दान करने के बाद ही लेन-देन करें।
- दरवाजे पर हल्दी और कुमकुम से स्वास्तिक बनाएं।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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