Shardiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि का आरंभ कल 11 अक्टूबर को हो रहा है. 11 अक्टूबर से लेकर 19 अक्टूबर तक नवरात्रि के व्रत और मां दुर्गा के स्वरूपों की पूजा की जाएगी. आज नवरात्रि के पहले दिन पूजा शुभ मुहूर्त और घटस्थापना के समय के बारे में आप पंडित सत्यम विष्णु अवस्थी से जान सकते हैं. बता दें कि, नवरात्रि के प्रथम दिन घटस्थापना करने का खास महत्व होता है. घटस्थापना को कलश स्थापना भी कहते हैं.
कलश स्थापना का महत्व
हिंदू धर्म में कलश स्थापना का खास महत्व है. धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत से पहले कलश की स्थापना की जाती है. कलश स्थापना के लिए मिट्टी के कलश या तांबे के कलश का इस्तेमाल किया जाता है. मान्यताओं के अनुसार, कलश के अलग-अलग भाग में देवी-देवताओं का वास माना जाता है. कलश स्थापना कर देवी-देवताओं का आह्वान किया जाता है. ऐसा मानते हैं कि, कलश नकारात्मक ऊर्जा को सोखता है और इससे सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है.
प्रतिपदा तिथि कलश स्थापना मुहूर्त
शारदीय नवरात्रि पर प्रतिपदा तिथि के दिन आप सुबह के समय और दोपहर को अभिजित मुहूर्त में कलश स्थापना कर सकते है. कलश स्थापना के लिए पहला मुहू्र्त सुबह 6 बजे से लेकर 10 बजे तक रहेगा. इसके बाद अभिजित मुहूर्त दोपहर को 11 बजकर 30 मिनट से लेकर 12 बजकर 30 मिनट तक रहेगा. इस मुहूर्त में आप घटस्थापना और मां दुर्गा के स्वरूप शैलपुत्री की पूजा कर सकते हैं.
प्रतिपदा तिथि शुभ चौघड़िया
चर की चौघड़िया -सुबह 7 बजकर 30 मिनट से लेकर 9 बजे तक
लाभ की चौघड़िया – सुबह 9 बजे से लेकर 10 बजकर 30 मिनट तक
अमृत की चौघड़िया – सुबह 10 बजकर 20 मिनट से लेकर 12 बजे तक
कलश स्थापना की विधि
कलश स्थापना के लिए आप कलश के किनारे पर मौली बांधें. कलश पर तिलक लगाएं और कलश में जल, गंगाजल, सुपारी, सिक्का डालें. इसके बाद इसके किनारे पर आम या अशोक के पत्ते लगाएं. एक जटा वाला नारियल लें और इसके ऊपर चुनरी लपेटें. इस नारियल को कलश के ऊपर रखें. कलश को पूजा घर में रखें.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.