Sharad Purnima 2025: शरद पूर्णिमा के दिन जरूर करें इस व्रत कथा का पाठ, वरना अधूरा रह जाएगा आपका पूजा-पाठ

Sharad Purnima 2025: शरद पूर्णिमा के व्रत के दौरान आपको इसकी कथा को जरूर पढ़ना चाहिए. इसके बिना व्रत और पूजन अधूरा माना जाता है. चलिए आपको शरद पूर्णिमा की कथा के बारे में बताते हैं.

Sharad Purnima 2025

Credit- News24 Graphics

Sharad Purnima Vrat Katha: शरद पूर्णिमा का पर्व आश्विन माह की शुक्ल पक्ष पूर्णिमा को मनाया जाता है. इस बार शरद पूर्णिमा 6 अक्टूबर को पड़ रही है. शरद पूर्णिमा पर व्रत करने का महत्व होता है. इस दिन भक्त मां लक्ष्मी और चंद्रमा की पूजा करते हैं. शरद पूर्णिमा पर खीर बनाने का भी महत्व होता है. शरद पूर्णिमा पर खीर को चंद्रमा के नीचे खुले आसमान के नीचे रखना होता है. ऐसी मान्यता है कि, इस दिन चंद्रमा की किरणों से अमृत बरसता है. शरद पूर्णिमा के व्रत के दौरान आपको इसकी कथा को जरूर पढ़ना चाहिए. चलिए आपको शरद पूर्णिमा की कथा के बारे में बताते हैं.

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शरद पूर्णिमा व्रत कथा

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शरद पूर्णिमा की कथा कुछ इस प्रकार है कि, एक व्यापारी के दो बेटियां थीं. दोनों ही धर्म-कर्म में रुचि रखती थीं. वह रोज विष्णु जी की पूजा करती और हर पूर्णिमा को व्रत रखतीं. भगवान विष्णु की कृपा से दोनों का विवाह अच्छे परिवार में हो गया. दोनों ही बहनें पूर्णिमा का व्रत रखती थी लेकिन छोटी बहन शाम के समय भोजन कर लेती थी जिसकी वजह से उसे पुण्य फल नहीं मिलता था.

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दोनों बहनों को व्रत के फल से पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई. लेकिन छोटी बहन का पुत्र दीर्घायु न होने के कारण मर जाता है. तभी बड़ी बहन आती है और उसके छूने से पुत्र जीवित हो जाता है. जब ऐसा हुआ तो बड़ी बहन ने शरद पूर्णिमा के व्रत की महिमा बताई. तभी से हर साल पूर्णिमा का व्रत विधि-विधान से किया जाने लगा.

शरद पूर्णिमा का महत्व

शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा का पूजन किया जाता है. ऐसी भी मान्यता है कि शरद पूर्णिमा के दिन ही समुद्र मंथन के दौरान मां लक्ष्मी प्रकट हुई थीं. इस दिन खीर बनाने और इसे खुले आसमान के नीचे रखने की परंपरा है. ऐसी मान्यता है शरद पूर्णिमा की रात का प्रकाश अन्य दिनों की तुलना में अधिक पवित्र और शक्तिशाली होता है. शरद पूर्णिमा पर आपको चंद्रोदय के बाद मां लक्ष्मी और चंद्र देव की पूजा कर खीर का भोग लगाना चाहिए. इसके बाद खीर को आसमान के नीचे रखने के बाद प्रसाद के रूप में ग्रहण करना चाहिए.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Aman Maheshwari

Aman Maheshwari

अमन माहेश्वरी न्यूज 24 में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह खबरों को समझकर पाठकों तक आसान शब्दों में पहुंचाने का काम बखूबी करते हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ भीमराव अंबेडकर कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन (BJMC) किया है. इसके बाद उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन (MJMC) किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. सबसे पहले जी मीडिया डीएनए हिंदी के साथ जुड़े. पिछले 5 साल से अमन डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं. डीएनए हिंदी में बतौर ट्रेनी जर्नलिस्ट ज्वाइन किया. इसके बाद सब एडिटर के पद पर काम किया. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अमन ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण और प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान धार्मिक खबरों को बखूबी कवर किया. धर्म और ज्योतिष - अमन धर्म-ज्योतिष सेक्शन के लिए लिखने के दौरान अंक ज्योतिष, वास्तु, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार से जुड़े विषयों पर लेख तैयार करते हैं. देवी-देवता और उनसे जुड़ी पौराणिक कथाओं, मंदिर, तीर्थ, धार्मिक स्थल और धार्मिक परंपराएं से जुड़े लेख लिखते हैं. इसके साथ ही धार्मिक यात्राओं से जुड़े उपयोगी लेख अमन तैयार करते हैं. Email - aman@bagconvergence.in X Account - MrAman0501
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