Sawan 2024: वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार 22 जुलाई 2024 से लेकर 19 अगस्त 2024 तक सावन का पवित्र मास है। इस दौरान व्रत रखने के साथ-साथ भगवान शिव, देवी पार्वती और शिवलिंग की उपासना करने से साधक को विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। सावन के पवित्र माह में पुरुषों से लेकर महिलाओं तक हर कोई शिव जी की भक्ति में लीन होता है और विभिन्न मंत्रों का उच्चारण करता है।
सावन में अधिकतर लोगों को आपने शिव जी को विशेष सामग्री अर्पित करते समय 'ॐ नमः शिवाय' और 'ॐ शिवाय नमः' का जाप करते हुए देखा होगा। इसके अलावा शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय भी कई लोग इन मंत्रों का उच्चारण करते हैं। लेकिन कुछ मंत्र ऐसे होते हैं, जिनका उच्चारण महिलाओं को नहीं करना चाहिए। नहीं तो इससे उन्हें पाप लग सकता है। इसके अलावा उनकी पूजा और व्रत दोनों खंडित भी हो सकती है। आइए जानते हैं धार्मिक शास्त्रों में बताए गए उस एक मंत्र के बारे में, जिसका उच्चारण महिलाओं को नहीं करना चाहिए।
'ॐ नमः शिवाय' एक शक्तिशाली मंत्र है, जिसके उच्चारण से एक विशेष ऊर्जा निकलती है। यदि व्यक्ति सही ढंग और सच्चे मन से इस मंत्र का उच्चारण नहीं करता है, तो उसका नकारात्मक प्रभाव उसके तन और मन दोनों पर पड़ता है। माना जाता है कि जिस व्यक्ति का उपनयन संस्कार नहीं होता है, उन्हें 'ॐ नमः शिवाय' का जाप नहीं करना चाहिए। आमतौर पर महिलाओं का उपनयन संस्कार नहीं होता है। इसलिए उन्हें 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र और वेद मंत्रों का जाप करने के लिए मना किया जाता है। वहीं जिन लोगों का उपनयन संस्कार हो जाता है, वो 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र और वेद मंत्रों का जाप कर सकते हैं।
महिलाएं किन मंत्रों का कर सकती हैं जाप?
महिलाएं बीज मंत्र, गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र, क्लेशनाशक मंत्र, शांतिदायक मंत्र, राम नाम का जाप और चिंता मुक्ति मंत्र का भी जाप कर सकती हैं। इसके अलावा महिलाओं को संकटमोचन मंत्र का जाप करने की भी मनाही नहीं होती है।
'ॐ नमः शिवाय' मंत्र जाप के नियम
भगवान शिव को समर्पित 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करते समय साधक का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ होना चाहिए।
इस मंत्र का जाप शांत जगह में जमीन पर बैठकर करना शुभ होता है।
एक दिन में कम से कम 108 बार 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करना चाहिए।