Radha Naam Mantra: शास्त्र भी कहता है और संत समुदाय भी कहते हैं कि जगत के पालनहार लीलाधर श्रीकृष्ण का हृदय 'श्री राधा जी' में बसता है. ब्रह्मांड के नायक कान्हा के दिल और चेतना में केवल 'राधा जी' समाई हैं. आज राधा अष्टमी पर श्रीजी के साथ बरसाने की लाडली जी की सेवा का विशेष दिन है. आज उन्हें उनके प्रिय भोग अरबी की सब्जी, मालपुआ, माखन-मिश्री और पंजीरी का भोग लगाया जाएगा. लेकिन इसके साथ उन्हीं प्रसन्न करने का एक अचूक तरीका हैं, उनके 28 नामों का जाप.

वृंदावन के विश्व प्रसिद्ध संत और राधा जी के महान उपासक श्री प्रेमानंद जी महाराज बताते हैं कि राधा रानी के 28 नाम ऐसे 'महामंत्र' हैं, जो केवल मानसिक चिंताओं को नहीं भगाता है, बल्कि ये दिव्य नाम केवल स्मरण मात्र से जीवन के सभी कष्टों का नाश कर देता है. वे कहते हैं कि ये नाम अलौकिक शक्तियों की चाबी है, जिसे कान्हा भी स्वीकारते हैं. आइए जानते हैं, क्या हैं ये राधा नाम महामंत्र और इसका जाप करने की विधि क्या है?

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श्री राधा जी के 28 दिव्य नाम

संत शिरोमणि महान राधा भक्त और साधक श्री प्रेमानंद जी महाराज ने 'राधा नाम' और उनके इन 28 नामों की महिमा को सर्वोपरि बताया है. मान्यता है कि राधाष्टमी के पावन पर्व पर श्री लाडली जी के इन 28 दिव्य नामों का जाप मनोकामनाओं को पूरा करने वाला है:

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राधा रासेश्वरी रम्या कृष्णमन्त्राधिदेवता।
सर्वाद्या सर्ववन्द्या च वृन्दावनविहारिणी॥
वृन्दाराध्या रमाशेषगोपीमण्डलपूजिता।
सत्या सत्यपरा सत्यभामा श्रीकृष्णवल्लभा॥
वृषभानुसुता गोपी मूलप्रकृतिरीश्वरी।
गान्धर्वा राधिकाऽऽरम्या रुक्मिणी परमेश्वरी॥
परात्परतरा पूर्णा पूर्णचन्द्रनिभानना।
भुक्तिमुक्तिप्रदा नित्यं भवव्याधिविनाशिनी॥

-राधोपनिषद से उद्धृत

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राधा नाम जाप के लाभ

प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार, श्री राधा जी के इन 28 नामों का जाप करने वाले भक्त की सभी मनोकामनाएं न केवल पूरी होती हैं, बल्कि उसे भवबाधा से भी मुक्ति मिलती है. क्योंकि राधा जी 'भवव्याधिविनाशिनी' हैं. उनके नाम का जाप मात्र जीवन के कष्टों, बीमारियों और जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति दिलाता है. इसे जपने वाला निस्संदेह राधा-कृष्ण की कृपा और परम आनंद को प्राप्त होता है.

राधा नाम जाप की विधि

राधा नाम जाप से चित्त की शुद्धि होती है. जीवन में भोग, भक्ति और मोक्ष के मार्ग सुगम हो जाते हैं. राधा अष्टमी जैसे पावन पर्व राधा जी की वंदना इसी मंत्र से करना चाहिए. पूजा के दौरान इसे कम से कम 11 जरूर पढ़ना चाहिए. संभव हो तो इसकी माला जाप कर लेनी चाहिए. रोजाना पूजा में इसका जाप सुबह में नहा-धोकर स्वच्छ वस्त्र धारण कर एकाग्रचित्त होकर इन नामों का स्मरण और जाप करना चाहिए.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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