Putrada Ekadashi 2026: अगस्त महीने में सावन माह के दो एकादशी व्रत है. इनमें से एक कामिका एकादशी का व्रत 9 अगस्त को पूरा हो गया है. अब सावन महीने की दूसरी एकादशी आने वाली है. सावन महीने की दूसरी एकादशी को पुत्रदा एकादशी के नाम से जानते हैं. घर-परिवार में सुख-समृद्धि और शांति के लिए यह व्रत करना बेहद लाभकारी होता है. पुत्रदा एकादशी व्रत करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है. संतान के सुखी जीवन के लिए यह व्रत कर सकते हैं.
कब है पुत्रदा एकादशी? (Putrada Ekadashi Kab Hai)
सावन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पुत्रदा एकादशी का पर्व मनाया जाता है. द्रिंक पंचांग के अनुसार, सावन शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि का आरंभ 23 अगस्त की रात को 2 बजे होगा. इसका समापन अगले दिन 24 अगस्त की सुबह 4 बजकर 18 मिनट पर होगा. ऐसे में उदयातिथि को महत्व देते हुए, पुत्रदा एकादशी का व्रत 23 अगस्त को रखा जाएगा.
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पुत्रदा एकादशी शुभ मुहूर्त (Putrada Ekadashi Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त - 04:26 ए एम से 05:10 ए एम
अभिजित मुहूर्त - 11:58 ए एम से 12:49 पी एम
विजय मुहूर्त - 02:33 पी एम से 03:25 पी एम
सायाह्न सन्ध्या - 06:53 पी एम से 07:59 पी एम
अमृत काल - 10:33 ए एम से 12:21 पी एम
सर्वार्थ सिद्धि योग - 05:54 ए एम से 05:44 पी एम
रवि योग - 05:54 ए एम से 05:44 पी एम
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पुत्रदा एकादशी संतान सुख के उपाय
विष्णु भगवान की पूजा - एकादशी के दिन श्रीहरि विष्णु जी की पूजा-अर्चना करें. विष्णु भगवान की पूजा और व्रत करने से आपकी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी. व्रत और पूजा के बाद भगवान विष्णु से संतान प्राप्ति की प्रार्थना करें.
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संतान गोपाल मंत्र का जाप - संतान प्राप्ति और संतान के सुखी जीवन के लिए "ॐ देवकीसुत गोविंद वासुदेव जगत्पते। देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः" इस संतान गोपाल मंत्र का जाप करना चाहिए.
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इन उपायों के साथ ही संतान प्राप्ति की इच्छा को पूर्ण करने और संतान के सुखी जीवन के लिए श्री वंशकवच और श्री गोपाल सहस्त्रनाम का पाठ करना चाहिए. इन उपायों को करने से भगवान विष्णु आपकी मनोकामना अवश्य पूर्ण करेंगे.
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.