---विज्ञापन---

Religion angle-right

Maha Kumbh 2025: महाकुंभ स्नान का फल हो जाएगा कई गुना अधिक, संगम में स्नान के बाद जरूर करें ये 3 काम!

Maha Kumbh 2025: महाकुंभ में शाही स्नान न केवल पवित्रता और भक्ति को दर्शाता है, बल्कि यह आत्मा को शांति और जीवन में समृद्धि का मार्ग भी प्रशस्त करता है। यह परंपरा प्राचीन भारतीय संस्कृति और धार्मिक आस्थाओं का अद्भुत उदाहरण है। आइए जानते हैं, वे 3 काम कौन-से हैं, जो महाकुंभ स्नान के बाद जरूर करना चाहिए?

---विज्ञापन---

Maha Kumbh 2025: महाकुंभ वह दिव्य अवसर है, जहां सिद्धि और साधना दोनों का संगम होता है। महाकुंभ मेले की शुरुआत सोमवार 13 जनवरी 2025 को पौष पूर्णिमा के दिन होगी। इसके अगले दिन यानी 14 जनवरी को मकर संक्रांति है। ये दोनों दिन महाकुंभ स्नान के लिए विशेष माने जाते हैं। साथ ही मकर संक्रांति के दिन शाही स्नान का दिन भी है। बता दें कि महाकुंभ में शाही स्नान का विशेष महत्व है। हिन्दू धर्म की मान्यता है कि इस महास्नान से मनुष्य मात्र के हर प्रकार के पाप धुल जाते हैं और वह मोक्ष का भागी हो जाता है। यदि साल 2025 की प्रयागराज महाकुंभ में स्नान या शाही स्नान का प्लान कर रहे हैं तो कुछ आपको कुछ खास उपाय भी जान लेने चाहिए, जो आपके पुण्यफल को कई गुण अधिक कर देंगे।

सूर्य को अर्घ्य दें

वैदिक ज्योतिष के एक्सपर्ट के मुताबिक, महाकुंभ का संबंध सूर्यदेव से है। इसलिए जिस दिन भी महाकुंभ में स्नान करें, चाहे वह स्पेशल शाही स्नान ही क्यों न हो, स्नान के बाद सूर्यदेव को अर्घ्य जरूर दें। मान्यता है कि आपके हाथों का एक छोटा अर्घ्य सीधे सूर्यदेव को समर्पित होता है। इससे न केवल आपके करियर में तरक्की होगी, बल्कि धन-दौलत में वृद्धि होने के साथ ही दुर्भाग्य भी दूर होता है। यदि तांबे के लोटे में लाल फूल के साथ अर्घ्य देते हैं, सूर्य के साथ मंगल ग्रह भी कृपा बरसाते हैं। इसलिए महाकुंभ में स्नान के बाद सूर्यदेव को अर्घ्य देकर उनकी कृपा प्राप्त करें और अपने जीवन को समृद्ध बनाएं।

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें: Hast Rekha Shastra: क्या आपकी हथेली पर बने हैं बॉक्स और वर्ग के निशान, तो हो जाइए खुश क्योंकि…

दान का महापर्व

महाकुंभ केवल स्नान का नहीं, बल्कि दान का भी महापर्व है। महाकुंभ स्नान के बाद दान करना शुभ माना गया है। इस पावन पर्व पर हजारों साधु-संत, महात्मा, ब्राह्मण और याचक उपस्थित होते हैं। महाकुंभ में स्नान और दान से आत्मिक और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है। मान्यता है कि चाहे वह साधारण स्नान हो या फिर शाही स्नान, इसके बाद जरूरतमंदों को दान देकर पुण्य जरूर अर्जित करना चाहिए। यह जीवन में रौनक और खुशहाली लाती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, दान करने से अशुभ ग्रह भी शुभ फल देने लगते हैं, जिससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

---विज्ञापन---

दीपदान का महत्व

न केवल संगम या महाकुंभ बल्कि नदियों में स्नान के बाद दीपदान की शुभ परंपरा बेहद प्राचीन है। महाकुंभ स्नान के बाद दीपदान को अत्यंत पवित्र और शुभ कार्य माना गया है। यह न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रूप से भी बहुत महत्व रखता है। दीपदान का अर्थ है अज्ञान और अंधकार से ज्ञान और प्रकाश की ओर जाना। नदी के किनारे दीप प्रज्वलित करना जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक शांति लाने का प्रतीक है। ज्योतिष के अनुसार, दीपदान से ग्रहों की अशुभता कम होती है और शुभ परिणाम मिलने लगते हैं। विशेष रूप से तिल के तेल या गाय के घी से दीप जलाने का अधिक महत्व है।

ये भी पढ़ें: Numerology: 25 से 45 की उम्र में धन का अंबार लगा देते हैं इन 3 तारीखों में जन्मे लोग, इनमें कहीं आप भी तो नहीं!

---विज्ञापन---

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: Jan 03, 2025 07:36 PM

End of Article

About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola