Kaalchakra News24 Today, Pandit Suresh Pandey: देशभर में कल यानी 14 मार्च 2025 को होली का पर्व मनाया जाएगा जिससे पहले आज यानी 13 मार्च 2025 को होलिका दहन होगा। होलिका दहन को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन लोग रात में होलिका जलाते हैं और देवी-देवताओं से अपने सुखी जीवन की प्रार्थना करते हैं। देश के कई राज्यों में होलिका दहन को छोटी होली के नाम से भी जाना जाता है।
आज के कालचक्र में पंडित सुरेश पांडेय आपको होलिका दहन के दिन करने वाले अचूक उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं। साथ ही आपको होलिका दहन के शुभ मुहूर्त के बारे में भी पता चलेगा।
क्या है होलिका दहन का शुभ मुहूर्त?
आज होलिका दहन पर भद्रा का साया भी है। भद्राकाल को शुभ नहीं माना जाता है। भद्रकाल समाप्त होने के बाद ही होलिका दहन किया जा सकता है। आज सुबह 10:35 से लेकर रात 11:26 मिनट तक भद्रा का साया रहेगा। ऐसे में आज रात 11:26 से लेकर मध्यरात्रि 12:30 मिनट तक होलिका दहन का शुभ मुहूर्त है। आज होलिका दहन का कुल मुहूर्त 1 घंटे और 4 मिनट का है।
होली पर लगा चंद्र ग्रहण
कल यानी होली पर चंद्र ग्रहण का साया है लेकिन भारत में ये दिखाई नहीं देगा। ऐसे में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। चंद्र ग्रहण कल सुबह 9:27 मिनट से लेकर दोपहर 3:30 मिनट तक रहेगा।
होलिका दहन से जुड़े उपाय
मेष राशि
मेष राशि के जातक पूर्व या दक्षिण-पूर्व दिशा की ओर खड़े होकर ही होलिका में सामग्री डालें। सामग्री डालते समय मंगल गायत्री मंत्र का जाप करें। होलिका दहन के बाद गाजर के हलवे का प्रसाद बांटें। दूसरे दिन होलिका की थोड़ी-सी राख में चमेली का तेल मिलाकर अपने शरीर पर मलकर फिर स्नान करें। इससे आपको मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होगी।
वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातक दक्षिण-पूर्व दिशा की ओर खड़े होकर ही होलिका में सामग्री डालें। सामग्री डालते समय शिव गायत्री मंत्र का जाप करें। होली के दिन सुबह सफेद कपड़े में 11 चुटकी होलिका दहन की राख के साथ एक चांदी का सिक्का बांधकर तिजोरी में रखें। इस उपाय से आपको देवी-देवताओं का आशीर्वाद मिलेगा और घर में खुशियों का आगमन होगा।
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।