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Das Mahavidya Kavach: माघ गुप्त नवरात्रि में पढ़ना न भूलें दस महाविद्या कवच, 10 महाविद्याओं की कृपा से दूर होगा हर संकट

Das Mahavidya Kavach: दस महाविद्या कवच एक शक्तिशाली स्तोत्र है, जिसका पाठ करने से धन, शक्ति, समृद्धि, सुरक्षा और आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति होती है. साथ ही मोक्ष मिलने की संभावना प्रबल रहती है. यहां पर आप 10 महाविद्या कवच के सही लिरिक्स और इसे पढ़ने-सुनने के लाभ के बारे में जान सकते हैं.

Author Written By: Nidhi Jain Updated: Jan 19, 2026 06:52
Das Mahavidya Kavach
Credit- Social Media
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Das Mahavidya Kavach: दस महाविद्याओं को आदिशक्ति मां पार्वती का रूप माना जाता है, जिन सभी का अपना महत्व है. दस महाविद्याओं में पहला स्थान मां काली, दूसरा मां तारा, तीसरा मां त्रिपुरसुंदरी, चौथा मां भुवनेश्वरी, पांचवां मां छिन्नमस्तिका, छठा मां त्रिपुर भैरवी, सातवां मां धूमावती, आठवां मां बगलामुखी, नौवां मां मातंगी और दसवां मां कमला को समर्पित है. मां के ये रूप अलग-अलग शक्तियों और दिशाओं का प्रतीक हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, दस महाविद्याओं की पूजा करने से नकारात्मक ऊर्जा, भय, डर और चिंताओं से मुक्ति मिलती है. साथ ही विभिन्न प्रकार की शक्तियों और सिद्धियों को प्राप्त किया जा सकता है.

यदि आप भी मां पार्वती के इन 10 रूपों को खुश करना चाहते हैं तो दस महाविद्या कवच का पाठ कर सकते हैं. खासकर, माघ गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्या कवच का पाठ करना शुभ होता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, साल 2026 में 19 जनवरी से लेकर 28 जनवरी तक माघ गुप्त नवरात्रि चलेगी. चलिए अब जानते हैं दस महाविद्या कवच के लिरिक्स के बारे में.

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दस महाविद्या कवच (Mahavidya Kavach)

श्रृणु देवि। प्रवक्ष्यामि कवचं सर्वसिद्धिदम् ।
आद्दाया महाविद्या: सर्वाभीष्ट फलप्रदम् ॥1॥
कवचस्य ऋषिर्देवि। सदाशिव इतिरित ।
छन्दोंऽनुष्टुब् देवता च महाविद्या प्रकीर्तिता ।
धर्मार्थ काममोक्षाणां विनियोगस्य साधने ॥2॥
ऐंकार: पातु शीर्षे मां कामबीजं तथा हृदि ।
रमा बीजं सदा पातु नाभौ गुह् च पादये: ॥3॥
ललाटे सुन्दरी पातु उग्रा मां कण्ठ देशत: ।
भगमाला सर्व्वगात्रे लिंगे चैतन्यरूपिणी ॥4॥
पूर्वे मां पातु वाराही ब्रह्माणी दक्षिणे तथा ।
उत्तरे वैष्णवी पातु चन्द्राणी पश्चिमेऽवतु ॥5॥
महेश्वरी च आग्नेय्यां नैऋत्ये कमला तथा ।
वायव्यां पातु कौमारी चामुण्डा ईशकेऽवतु ॥6॥
इदं कवचमज्ञात्वा महाविद्याञ्च यो जपेत् ।
न फलं जायते तस्य कल्पकोटिशतैरपि ॥7॥
॥ इति श्रीरुद्रयामले महाविद्या कवच सम्पूर्णम् ॥

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महाविधा कवच पढ़ने व सुनने के लाभ

  • रोगों से छुटकारा मिलता है.
  • मानसिक शांति मिलती है.
  • भय व डर से मुक्ति मिलती है.
  • सभी दिशाओं से सुरक्षा होती है.
  • आध्यात्मिक उन्नति होती है.
  • सभी प्रकार की सिद्धियों को प्राप्त किया जा सकता है.
  • आकस्मिक (अचानक) संकटों से रक्षा होती है.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Jan 19, 2026 06:51 AM

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