Maa Tara Chalisa। मां तारा चालीसा: नमो नमो तारा जगदम्बा… Tara Mata Chalisa Lyrics In Hindi

Ma Tara Chalisa In Hindi: माता पार्वती का एक रूप मां तारा भी है, जिन्हें ज्ञान, करुणा और बुद्धि की देवी माना जाता है. खासकर, माघ गुप्त नवरात्रि में माता तारा की पूजा व चालीसा का पाठ करने से संकटों से मुक्ति मिलती है. चलिए अब जानते हैं माता तारा की चालीसा के लिरिक्स और उसे पढ़ने-सुनने के लाभ के बारे में.

Tara Mata Chalisa Lyrics In Hindi

Credit- Social Media

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Tara Mata Chalisa Lyrics In Hindi: मां तारा को दस महाविद्याओं में से एक माना जाता है, जो कि मां पार्वती का एक रूप हैं. 10 महाविद्याओं में माता तारा को दूसरा स्थान प्राप्त है. वैसे तो कभी भी मां तारा की पूजा की जा सकती है, लेकिन माघ गुप्त नवरात्रि के दूसरे दिन माता रानी की पूजा करने से विशेष लाभ होता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां तारा की पूजा करने से साधक को ज्ञान, शक्ति और करुणा की प्राप्ति होती है. साथ ही वो अचानक आने वाली विपत्तियों से बचा रहता है.

गौरतलब है कि बौद्ध धर्म के लोग भी माता तारा की पूजा करते हैं. वो मां पार्वती के इस रूप का पूजन ज्ञान की देवी, करुणा (दया) की माता और माता सार्वभौमिक (जो सभी जगह हो) के रूप में करते हैं. यदि आप भी मां तारा को खुश करना चाहते हैं तो नियमित रूप से उन्हें समर्पित चालीसा का पाठ कर सकते हैं. यहां पर आपको माता तारा की चालीसा के सही लिरिक्स जानने को मिल जाएंगे.

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माता तारा की चालीसा (Mata Tara Chalisa Lyrics In Hindi)

॥दोहा॥

श्री गणपति गुरु गौरी, पूजिहउं सिर नाइ।
तारा बल जल सोखनि, बिमल विद्या दाइ॥

॥चालीसा॥

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नमो नमो तारा जगदम्बा। तुम बिन होत न होई अम्बा॥
जय हेमवती जय जगदम्बे। जय अचला जय दुर्गे अम्बे॥
शिवशंकर की तुम हो प्यारी। करहुं कृपा मति हो संहारी॥
जय गायत्री वेद की माता। तुम बिन काहु न सुघर विधाता॥
ब्रह्मा, विष्णु, महेश सवारी। तीनों देव तुम्हारे पुजारी॥
करहुं दया मति ममता भारी। हम सबकी तुम हो हितकारी॥
सृष्टि पालन तुम्हारे बस में। तुम्ह बिन कहुं न दूजा जग में॥
रक्षक हो तुम परम विशाल। तुम्हरी कृपा सदा सुफल॥
शरणागत की तुम हो माता। कृपा करो अम्बे विघ्न हटा॥
शत्रु विनाशिनी मति हो माती। तुम्ह बिन पूर्ण कहुं नहि पाती॥
भव सागर सब पार करावे। तारा भवानी कृपा बरसावे॥
संत जनों की तुम हो प्यारी। तुम्ह बिन होत न कोई भिखारी॥
रिद्धि सिद्धि की तुम हो दाता। विपत्ति हरो सबकी विधाता॥
दीन हीन के दुख हरणी। तुम हो सबकी अधिपति मरणी॥
अघट की तुम हो महिमा भारी। तुम बिन सृष्टि न कोई उधारी॥
शरणागत को ना तजना। तुम बिन कौन करू उद्धार॥
कृपा दृष्टि करहुं हम पर। सुख संपत्ति होय घर घर॥
दया करो अब तुम मति मारी। हम पर अम्बे कृपा उतारी॥

॥दोहा॥

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शरणागत की रक्षा करु, दुष्ट दलन कर पाय।
तारा भवानी मति मति, संकट दूर कराय॥

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माता तारा की चालीसा पढ़ने व सुनने के लाभ

  • ज्ञान बढ़ता है.
  • आर्थिक समस्याएं धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं.
  • तनाव और नकारात्मक विचारों से तुरंत मुक्ति मिलती है.
  • हर परिस्थिति में मन शांत रहता है.
  • बाधाओं को दूर करने की अद्भुत शक्ति मिलती है.
  • हर परिस्थिति में शत्रुओं से रक्षा होती है.
  • आध्यात्मिक उन्नति होती है.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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