वैशाख पूर्णिमा पर भूल से भी न करें 5 काम, वरना रूठ जाएंगी देवी लक्ष्मी

Vaishakh Purnima 2024: सभी 12 पूर्णिमा तिथियों में वैशाख माह की पूर्णिमा एक श्रेष्ठ तिथि मानी गई है। साल 2024 की वैशाख पूर्णिमा 23 मई को पड़ रही है। मान्यता है कि इस दिन कुछ गलतियां नहीं करनी चाहिए, अन्यथा देवी लक्ष्मी रूठ जाती हैं। आइए जानते हैं कि इस शुभ तिथि को कौन-से काम नहीं करने चाहिए?

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Vaishakh Purnima 2024: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, हर माह की पूर्णिमा तिथि हिन्दू धर्म में महत्वपूर्ण और शुभ मानी गई है। वैशाख माह की पूर्णिमा, जो कि सभी 12 पूर्णिमा तिथियों में एक श्रेष्ठ तिथि है, 23 मई, 2024 को पड़ रही है। इस विशेष तिथि को भगवान विष्णु, देवी लक्ष्मी सहित चंद्रमा की खास पूजा की जाती है। पूर्णिमा की रात भगवान कृष्ण को भी बहुत प्रिय है। कहते हैं, वे आज भी इस रात को वृंदावन में गोपियों से साथ दिव्य रास रचाते हैं। मान्यता है कि इस दिन को भूल से भी कुछ गलतियां नहीं करनी चाहिए, अन्यथा देवी लक्ष्मी, अन्य देवता और पितर रूठ जाते हैं। आइए जानते हैं कि इस साल की वैशाख पूर्णिमा तिथि को जाने-अनजाने कौन-से काम नहीं करने चाहिए, जिसका असर सुख-समृद्धि, धन-वैभव आदि पर पड़े।

व्रतधारी न करें ये काम

प्रचलित मान्यता के अनुसार, जो लोग वैशाख पूर्णिमा का व्रत रखते हैं, उन्हें जब तक संध्या पूजा न कर लें, अन्न-जल ग्रहण करने से बचना चाहिए। कहते हैं, इससे व्रत भंग हो जाता है, जो सौभाग्य और स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं माना गया।

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तामसिक और सामिष भोजन से परहेज

जैसा कि धार्मिक ग्रंथों में बताया गया है कि पूर्णिमा की तिथि एक सात्विक तिथि है। इस दिन किसी भी प्रकार के तामसिक और सामिष भोजन यानी किसी भी प्रकार के मांसाहार (नॉनवेज), जैसे- मांस, मछली, अंडा, शराब, लहसुन, प्याज आदि लेने से पूर्णतः परहेज ही नहीं, बल्कि छूने से भी बचना चाहिए। इस तिथि को मसूर दाल भी खाने से मना किया जाता है, क्योंकि यह भी तामसिक माना जाता है। इससे देवी लक्ष्मी सहित भगवान विष्णु भी रुष्ट हो जाते हैं।

किसी का दुर्व्यवहार और अपमान करने से बचें

पूर्णिमा के दिन माता-पिता और बड़े-बुजुर्गों का मन, वचन और कर्म किसी भी प्रकार से दुर्व्यवहार और अपमान नहीं करना चाहिए। इससे देवता सहित पितर भी नाराज हो जाते हैं। केवल यही नहीं बल्कि इस दिन किसी को भी बुरा-भला बोलने से बचना चाहिए।

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बुरे काम और हिंसा से परहेज

धार्मिक ग्रंथों की मान्यता के अनुसार, पूर्णिमा तिथि के दिन हर तरह के अनैतिक, बुरे और गंदे काम करने से बचना चाहिए। साथ ही, किसी जानवर या पशु को भी कष्ट नहीं पहुंचाना चाहिए। यह धन की आमद में बाधा बन सकता है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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