Kaalchakra: पैसों की कमी से लेकर असफलता से मिलेगी मुक्ति, पंडित सुरेश पांडेय से जानें दुर्गा सप्तशती पाठ के लाभ
Kaalchakra Today: नवरात्रि के पावन दिनों में दुर्गा सप्तशती का पाठ करना शुभ माना जाता है. खासकर परेशानी के अनुसार दुर्गा सप्तशती के अध्ययों का पाठ करने से लाभ होता है. चलिए प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय से जानते हैं दुर्गा सप्तशती पाठ के महत्व और इससे जुड़ी मुख्य बातों के बारे में.
Kaalchakra Today 23 September 2025: मां दुर्गा को समर्पित शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है. इस बार 22 सितंबर से नवरात्रि का आरंभ हो गया है, जिसका समापन 2 अक्टूबर को दुर्गा विसर्जन के साथ होगा. नवरात्रि में व्रत रखने के साथ-साथ माता रानी की पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है. पूजा-पाठ के अलावा नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती का पाठ करना भी शुभ होता है, जिसमें मां दुर्गा के तीन दिव्य चरित्रों यानी महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती की महिमा का वर्णन किया गया है. दुर्गा सप्तशती में कुल 13 अध्याय और 700 श्लोक हैं, जिनका परेशानी के अनुसार पाठ किया जाता है. हालांकि, किसी खोई चीज को पाने के लिए दुर्गा सप्तशती का पूर्ण पाठ करना शुभ रहता है.
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आज के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको ये बताने जा रहे हैं कि कब, कैसे और किस परेशानी में दुर्गा सप्तशती का पाठ करना शुभ होता है.
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कैसे करें दुर्गा सप्तशती का पाठ?
शांत मुद्रा में बैठकर सुबह या शाम के समय दुर्गा सप्तशती का पाठ करना श्रेष्ठ माना जाता है. पाठ का आरंभ करने से पहले देवी कवच के 16 मंत्रों का जाप जरूर करना चाहिए.