Kaalchakra: कल से शारदीय नवरात्रि शुरू, पंडित सुरेश पांडेय से जानें कलश स्थापना का मुहूर्त

Kaalchakra Today: शारदीय नवरात्रि को मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की उपासना के लिए बेहद शुभ माना जाता है. इस बार 22 सितंबर से नवरात्रि की शुरुआत हो रही है, जिसका समापन 2 अक्टूबर को दुर्गा विसर्जन के साथ होगा. चलिए पंडित सुरेश पांडेय से जानते हैं शारदीय नवरात्रि के महत्व, घटस्थापना के मुहूर्त और सवारी आदि के बारे में.

Kaalchakra Today 21 September 2025

Credit- News24 Graphics

Kaalchakra Today 21 September 2025: शारदीय नवरात्रि के प्रत्येक दिन को आदि शक्ति मां दुर्गा की उपासना के लिए बेहद शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दौरान मां दुर्गा अपने भक्तों को आशीर्वाद देने के लिए धरती पर आती हैं. यदि कोई व्यक्ति सच्चे मन से शारदीय नवरात्रि में पूजा करता है और व्रत रखता है, तो उसे मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है. द्रिक पंचांग के अनुसार, हर साल आश्विन माह की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत होती है. इस बार 22 सितंबर की सुबह 1 बजकर 23 मिनट से लेकर 23 सितंबर की सुबह 2 बजकर 55 मिनट तक प्रतिपदा तिथि रहेगी. ऐसे में 22 सितंबर 2025 से शारदीय नवरात्रि का आरंभ होगा, जिस दिन घटस्थापना भी की जाएगी.

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आज के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको शारदीय नवरात्रि के कैलेंडर, पूजा मुहूर्त और सवारी आदि के बारे में बताने जा रहे हैं.

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शारदीय नवरात्रि का कैलेंडर

  • 22 सितंबर- पहली नवरात्रि
  • 23 सितंबर- दूसरी नवरात्रि
  • 24 और 25 सितंबर- तीसरी नवरात्रि
  • 26 सितंबर- चौथी नवरात्रि
  • 27 सितंबर- पांचवीं नवरात्रि
  • 28 सितंबर- छठी नवरात्रि
  • 29 सितंबर- सातवीं नवरात्रि
  • 30 सितंबर- आठवीं नवरात्रि
  • 1 अक्टूबर- नौवीं नवरात्रि
  • 2 अक्टूबर- दसवीं नवरात्रि, दुर्गा विसर्जन और दशहरा

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2025 में मां दुर्गा की सवारी क्या होगी?

हर साल मां दुर्गा एक विशेष सवारी पर सवार होकर धरती पर आती हैं, जो उस दिन के अनुसार तय होती है. साथ ही विदाई सवारी भी दिन के अनुसार तय की जाती है. साल 2025 में शारदीय नवरात्रि के शुभ दिन मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आएंगी, जिसे काफी शुभ माना जाता है. वहीं, 2 अक्टूबर को मां पालकी पर विदाई लेंगी, जो भी शुभ है. इसका जीवन पर शुभ प्रभाव पड़ेगा.

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घटस्थापन का शुभ मुहूर्त

शारदीय नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना यानी कलश स्थापना करने के बाद ही मां दुर्गा की मूर्ति स्थापित की जाती है. शारदीय नवरात्रि में घटस्थापना का मुहूर्त कन्या लग्न में है, जो सुबह 6 बजकर 9 मिनट से लेकर सुबह 8 बजकर 6 मिनट तक रहेगा. वहीं, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:49 से दोपहर 12:38 मिनट तक है. इसके अलावा चौघड़िया मुहूर्त में भी घट स्थापना कर सकते हैं. इस दिन सुबह 06:09 से सुबह 7:40 मिनट तक अमृत लग्न है, जबकि शुभ लग्न सुबह 9:11 से दोपहर 10:43 मिनट तक है.

यदि आप शारदीय नवरात्रि में राशि अनुसार करने वाले उपायों और प्रत्येक दिन के महत्व के बारे में जानना चाहते हैं तो उसके लिए ऊपर दिए गए वीडियो को देख सकते हैं.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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