Kaalchakra: आज 11 जुलाई से सावन शुरू, पंडित सुरेश पांडेय से जानें शिवलिंग पर क्या चढ़ाएं और क्या नहीं?

Kaalchakra Today: आज 11 जुलाई 2025 से सावन का आरंभ हो गया है। आज सावन का पहला दिन है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, सावन में भगवान शिव और शिवलिंग की पूजा करना शुभ होता है। चलिए प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय से जानते हैं सावन माह में पूजा से जुड़े नियमों के बारे में।

Kaalchakra Today

सांकेतिक फोटो, Credit- News24 Graphics

Kaalchakra Today 11 July 2025: भगवान शिव को समर्पित सावन माह का आज 11 जुलाई 2025 से आरंभ हो गया है। आज सावन माह का पहला दिन है। साथ ही शुक्रवार का संयोग बन रहा है। सावन माह को बेहद ही पवित्र माना जाता है, जिस दौरान की गई पूजा-पाठ से भक्तों को फल जरूर मिलता है और भगवान शिव तुरंत प्रसन्न होते हैं। द्रिक पंचांग के अनुसार, आज सावन माह की कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है, जो 12 जुलाई की सुबह 02 बजकर 08 मिनट तक रहेगी। नक्षत्र की बात करें तो पूर्वाषाढा नक्षत्र सुबह 05 बजकर 56 से आरंभ हो गया है। इसके बाद उत्तरापाढ़ा नक्षत्र लग जाएगा। रात 08 बजकर 45 मिनट तक वैधृति योग रहेगा, जिसके बाद विष्कुंभ योग का आरंभ होगा। जबकि आज सुबह 10 बजकर 30 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजे तक राहुकाल रहेगा।

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आज के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको बताने जा रहे हैं कि सावन माह में शिवलिंग की पूजा के दौरान कौन-कौन से नियमों का पालन जरूर करना चाहिए।

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शिवलिंग की पूजा से जुड़े नियम

  • शंकर जी की पिंडी को ठंडे जल, दूध, पंचामृत से स्नान करा सकते हैं।
  • शिवलिंग पर भस्म लगाना शुभ होता है।
  • शिवलिंग पर नारियल चढ़ा सकते हैं।
  • शिवलिंग पर पूजा सामग्री अर्पित करने के बाद अंत में जल जरूर अर्पित करना चाहिए।
  • शिवलिंग पर दूध, जल और काले तिल चढ़ाने के बाद ही बेलपत्र चढ़ाना चाहिए।
  • शिवलिंग की नहीं, शिव मंदिर की आधी परिक्रमा करनी चाहिए।
  • शिवलिंग का पूजन करने से पहले मां पार्वती की पूजा करनी चाहिए।
  • शिवलिंग पर गाय का दूध ही चढ़ाना शुभ होता है।
  • शिवलिंग पर धतूरा, सफेद कमल, सफेद कनेर, चमेली, मंदार, सफेद फूल, नागचंपा, रजनीगंधा, नागकेसर, मोगरा और जूही चढ़ाना चाहिए।
  • शिवलिंग पर 10 की संख्या में ही फूल चढ़ाने चाहिए।
  • फूलों की डंठल देवताओं की ओर करके अर्पित करनी चाहिए।

शिवलिंग पर क्या नहीं चढ़ाना चाहिए?

  • शिव पिंडी पर हल्दी और कुमकुम नहीं चढ़ाना चाहिए।
  • शिवलिंग पर चढ़ी चीजों को पीपल या तुलसी में नहीं डालना चाहिए।
  • शिवलिंग पर नारियल का पानी नहीं चढ़ाना चाहिए।
  • शिवलिंग पर चढ़ाए गए फूल, चंदन और इत्र को सूंघना नहीं चाहिए।
  • शिवलिंग पर पैकेट वाला या उबला हुआ दूध नहीं चढ़ाना चाहिए।
  • केतरी और केवड़ा शिवलिंग पर नहीं चढ़ाना चाहिए।

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बेलपत्र चढ़ाते समय रखें इन बातों का ध्यान

बेलपत्र की डंठल को अपनी ओर रखकर व पत्ते को शिवलिंग की ओर करके अर्पित करना चाहिए। बेलपत्र के तीन पत्ते चढ़ाने चाहिए। तीन पत्तों को त्रिगुण, तीनों नेत्रों, 3 अस्त्र-शस्त्रों, 3 जन्मों और पाप नष्ट करने के समान माना जाता है।

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यदि आप शिवलिंग और शिव जी की पूजा से जुड़े और नियमों के बारे में जानना चाहते हैं तो इसके लिए ऊपर दिए गए वीडियो को देख सकते हैं।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यतओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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