Kaalchakra News24 Today, Pandit Suresh Pandey: जीवन से जुड़ी तमाम समस्याओं से छुटकारा पाने के विभिन्न उपायों के बारे में शास्त्रों में बताया गया है। शास्त्रों में लिखी हुई हर बात का वैज्ञानिक आधार भी है। कई धर्म गुरु और पंडितों का मानना है कि वैदिक शास्त्रों में बताए गए अधिकतर उपायों का उल्लेख विज्ञान में है। भगवान की उपासना करने का धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों पहलू हैं। आज के कालचक्र में पंडित सुरेश पांडेय आपको आस्था और विज्ञान के बीच के कनेक्शन के बारे में बताने जा रहे हैं।
तुलसी पूजा का महत्व
विज्ञान में बताया गया है कि घर में तुलसी का पौधा लगाने से मौसमी बीमारियों के होने का खतरा कम होता है। तुलसी के पेड़ में औषधि गुणों की भरपूर मात्रा होती है जिससे वातावरण शुद्ध व पॉजिटिव रहता है। जबकि तुलसी के पत्तों को खाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। मान्यता है कि तुलसी के पौधे की पूजा करने से देवी तुलसी और विष्णु जी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। घर में सुख, समृद्धि, शांति, धन और वैभव का वास होता है।
सूर्य को अर्घ्य देने का महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार जो लोग नियमित रूप से सूर्य देव को जल अर्पित करते हैं उनकी कुंडली में सूर्य ग्रह की स्थिति मजबूत होती है। जन्म कुंडली में सूर्य के मजबूत होने से व्यक्ति को सफलता, अच्छी सेहत और मान-सम्मान मिलता है।
जबकि साइंस में बताया गया है कि सूर्य की किरणों में रोगनाशक गुण होते हैं जो बॉडी में मौजूद सूक्ष्म से सूक्ष्म जीवाणु को नष्ट करते हैं। इसके अलावा सूर्य की किरणों से विटामिन-डी भी मिलता है जिससे सेहत अच्छी रहती है।
व्रत रखने का महत्व
वैज्ञानिकों के मुताबिक व्रत के दौरान शरीर में फैट बर्निंग प्रोसेस नॉमल दिनों के मुकाबले तेज हो जाता है। इससे वजन तेजी से कम होता है। व्यक्ति फिट रहता है और मेटाबॉलिक रेट में 3 से 14 फीसदी तक इजाफा होता है। मान्यता है कि व्रत रखने से साधक को देवी-देवताओं का आशीर्वाद मिलता है। परिवार में सुख, शांति, खुशी, धन, वैभव और ऐश्वर्या का वास होता है।
यदि आप घंटी और शंख बजाने के धार्मिक और वैज्ञानिक लाभ के बारे में जानना चाहते हैं तो इसके लिए ये वीडियो जरूर देखें।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।