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Kaalchakra: 8 दिशाओं से बरसेगा धन और मिलेगी तरक्की! पंडित सुरेश पांडेय से जानें उपाय

Kaalchakra News24 Today: वास्तु शास्त्र में प्रत्येक दिशा के महत्व के बारे में बताया गया है, क्योंकि हर दिशा पर ग्रह और ब्रह्माण्ड की ऊर्जा का गहरा प्रभाव पड़ता है। चलिए पंडित सुरेश पांडेय से जानते हैं किस दिशा का संबंध किस ग्रह से होता है।

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Kaalchakra News24 Today, Pandit Suresh Pandey: सनातन धर्म के लोगों के लिए वास्तु शास्त्र का खास महत्व है, जिसमें प्रत्येक दिशा की ऊर्जा का उल्लेख किया गया है। शास्त्रों में 8 दिशाओं को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है, जिनके दोष मुक्त होने से साधक को जीवन में ऊंचा मुकाम हासिल होता है। साथ ही धन की देवी मां लक्ष्मी और कुबेर जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है, जिसके कारण व्यक्ति को कभी आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ता है।

आज के कालचक्र में पंडित सुरेश पांडेय आपको उन 8 दिशाओं के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके दोष मुक्त होने से साधक को विशेष फल की प्राप्ति होती है। खासतौर पर पैसों की कमी और असफलता से छुटकारा मिलता है।

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किस दिशा के दूषित होने से बढ़ता है तनाव?

घर की पूर्व दिशा से परिवार में खुशियां और सकारात्मक ऊर्जा आती है। पूर्व दिशा का शुद्ध होना पारिवारिक तनाव, विवाद को दूर करने में मदद करता है। पूर्व दिशा में वास्तु दोष हो, तो पूर्व दिशा की ओर मुंह करके ऊँ घृणि सूर्याय नम: और ऊँ इंद्राय नम: मंत्र का जाप करना चाहिए। घर में बनी पहली रोटी रोज गाय को खिलाने से पूर्व दिशा का वास्तु दोष दूर होता है।

सूर्य देव को पूर्व दिशा का स्वामी माना जाता है, जबकि इंद्र देव इस दिशा के देवता हैं। पूर्व दिशा में प्राण प्रतिष्ठित करके सूर्य मंत्र की स्थापना और लाल फूल डालकर सूर्य देव को अर्घ्य देना शुभ होता है। अर्घ्य देते समय गायत्री मंत्र का जाप करें। इसके अलावा बंदरों को गुड़ और भुने हुए चने खिलाना शुभ रहेगा।

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भाग्य का संबंध किस दिशा से है?

पश्चिम दिशा के स्वामी शनि और देवता वरुण हैं। इस दिशा के दोष मुक्त होने से व्यक्ति को भाग्य का साथ, प्रसिद्धि और ख्याति मिलती है। कारोबार अच्छा चलता है और मुनाफा बढ़ता है। पश्चिम दिशा में वास्तु दोष हो, तो इस दिशा की तरफ मुंह करके ऊँ शं शनैश्चराय नम: मंत्र का जाप करें। पश्चिम दिशा में सुंदर पौधे लगाना भी अच्छा रहता है।

किस दिशा के दूषित होने से होती है हानि?

उत्तर दिशा के देवता धन के स्वामी कुबेर और बुध ग्रह हैं। इस दिशा के दूषित होने से व्यक्ति को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। व्यक्ति को संपत्ति की हानि होती है। इस दिशा को दोष मुक्त करने के लिए उत्तर दिशा की ओर मुख करके ऊँ कुबेराय नम: और ऊँ बुं बुधाय नम: मंत्र का जाप करें। इस दिशा में बुध यंत्र या कुबेर यंत्र स्थापित करें और रोजाना उनकी पूजा करें। कमल के आसन पर बैठी हुई मां लक्ष्मी की तस्वीर उत्तर दिशा में लगाना शुभ होता है। इसके अलावा चंद्रमा या तोते की पेंटिंग भी लगा सकते हैं।

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अन्य दिशाओं के महत्व और उनसे जुड़े उपायों के बारे में यदि आप जानना चाहते हैं, तो इसके लिए ये वीडियो जरूर देखें।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी वास्तु शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: Jan 23, 2025 11:48 AM

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Nidhi Jain

निधि की पढ़ने और लिखने में हमेशा से रुचि रही है. पिछले 3 साल से वह डिजिटल मीडिया से जुड़ी हुई हैं. वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रही हैं. न्यूज 24 से जुड़ने से पहले निधि जैन दिल्ली प्रेस संस्थान में कार्यरत थीं. निधि ने Guru Jambheshwar University, Hisar Haryana से BJMC (ग्रेजुएशन) की पढ़ाई की है.

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