Hindu Beliefs: क्या पूजा करते समय अचानक दीपक बुझ जाने से आपका मन भी घबरा जाता है? हिन्दू धर्म इसे लेकर कई बातें कही और सुनी जाती हैं। कई लोग तो इस घटना को तुरंत अपशकुन मान लेते हैं और सोचने लगते हैं कि कहीं कुछ गलत होने वाला है। लेकिन आपको बता दें कि हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हर बार ऐसा सोचना सही नहीं है। पूजा का दीपक बुझना हमेशा अशुभ संकेत नहीं होता है। कई बार यह सामान्य कारणों और भौतिक प्रभावों से से भी हो सकता है, जैसे हवा लगना, घी-तेल कम होना या बत्ती में समस्या होना। आइए जानते हैं, इससे जुड़े धर्म शास्त्रों की बातें।

हिन्दू धर्म में दीया का महत्व

हिंदू धर्म में दीपक को प्रकाश, ज्ञान और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना गया है। अग्नि पुराण और स्कन्द पुराण में अग्नि को पवित्र शक्ति का स्वरूप बताया गया है। दीपक अंधकार को दूर करके जीवन में ज्ञान और उम्मीद का प्रकाश फैलाने का प्रतीक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा के दौरान दीपक बुझ जाना भगवान की नाराजगी का संकेत नहीं होता है। इसे कई लोग पूजा के समय ध्यान और एकाग्रता से जुड़ा संकेत मानते हैं।

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: Alpha Zodiac Signs: इन 4 राशियों की महिलाएं होती हैं ‘अल्फा’, जिनसे खौफ खाकर भी ‘इंप्रेस’ होते हैं लोग

---विज्ञापन---

सामान्य दीपक या अखंड ज्योति

रोज की पूजा में जलाया गया दीपक अगर हवा, तेल-घी खत्म होने या बत्ती खराब होने से बुझ जाए, तो इसे सामान्य घटना माना जाता है। ज्योतिषाचार्य हर्षवर्द्धन शांडिल्य कहते हैं कि इसके लिए डरने या परेशान होने की जरूरत नहीं है। वहीं, नवरात्रि, यज्ञ या किसी विशेष धार्मिक संकल्प में जलाई गई अखंड ज्योति को लेकर अलग मान्यता है। अगर अखंड ज्योति बुझ जाए, तो इसे पूजा में आई रुकावट माना जाता है। ऐसे में शुद्ध मन से दोबारा दीप जलाकर पूजा जारी रखी जाती है।

---विज्ञापन---

दीपक बुझ जाए तो क्या करें?

अगर पूजा के बीच दीपक बुझ जाए, तो सबसे पहले शांत रहें। भगवान का स्मरण करें। मन ही मन क्षमा प्रार्थना करें। इसके बाद दीपक को साफ करें, नई बत्ती लगाएं और पर्याप्त घी या तेल डालकर फिर से जलाएं।

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: Numerology Personality Traits: इन तारीखों में जन्मे लोग होते हैं बेहतरीन ‘Listener’, हर कोई हो जाता है इनका दीवाना

---विज्ञापन---

यह मंत्र जपें

दीपक को फिर से जलाते समय यह मंत्र बोल सकते हैं-

'शुभं करोति कल्याणं आरोग्यं धनसंपदाम्।
शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तु ते॥'

साथ ही पूजा स्थान की सफाई रखें। दीपक में अच्छी गुणवत्ता वाली बत्ती और शुद्ध घी या तेल का उपयोग करें।

डरें या घबराएं नहीं!

दीपक बुझना कोई डरने वाली बात नहीं है। इसे अपनी पूजा में सावधानी और एकाग्रता बढ़ाने का अवसर मानें। धार्मिक मान्यताओं में भगवान भावना और श्रद्धा को महत्व देते हैं, केवल बाहरी संकेतों को नहीं।

यह भी पढ़ें: Samudrik Shastra: पैरों के ये 6 शुभ निशान महिलाओं को बनाते हैं भाग्यशाली और धनवान, मिलता है सोसाइटी में सम्मान

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.