हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Tiger ShroffCJP ProtestGyanesh KumarBigg Boss 20

Garuda Purana: भगवान विष्णु को न लगाएं इन 7 चीजों का भोग, वरना पूर्वज रहेंगे अशांत

Garuda Purana: भगवान विष्णु की पूजा में शुद्धता और सात्विकता का विशेष महत्व है. गरुड़ पुराण, विष्णु पुराण और अन्य धर्मग्रंथों में कुछ वस्तुओं को उन्हें अर्पित करना निषिद्ध माना गया है. जानिए वे 7 चीजें, जिन्हें भोग में चढ़ाने से बचने की सलाह दी गई है.

विज्ञापन

Garuda Purana: हिन्दू धर्म में भगवान विष्णु इस संसार के पालनहार और स्वामी माने गए हैं. उनके पूजक वैष्णव कहलाते हैं. भगवान विष्णु की पूजा में सात्विकता और शुद्धता सर्वोपरि नियम है. लेकिन भूल से से कुछ चीजें भगवान विष्णु को चढ़ाना वर्जित माना गया है. कहते हैं, भगवान विष्णु को उनकी अप्रिय भोग अर्पित करने से पूर्वजों की आत्मा अशांत हो जाती है. गरुड़ पुराण की मानें तो आपकी गलती से वे वैकुंठ से बाहर किए जा सकते हैं. इस पुराण सहित विष्णु पुराण और अन्य धर्म ग्रंथों में 7 चीजों का उल्लेख मिलता हैं, जो भगवान विष्णु को चढ़ाना निषिद्ध है. आइए जानते हैं, क्या हैं ये चीजें?

लहसुन-प्याज का भोग

वैष्णव परंपरा में लहसुन और प्याज को तामसिक भोजन माना गया है. मान्यता है कि ये रजो गुण और तमो गुण को बढ़ाते हैं. विष्णु पुराण के मुताबिक, इन्हें अर्पण करने से पूजा का पूर्ण फल नष्ट हो जाता है.

टूटे और सफेद अक्षत

भगवान विष्णु और उनके विशेष रूप शालिग्राम जी को सूखे, सफेद और टूटे चावल और अक्षत भूल से भी नहीं चढ़ाना चाहिए. धर्म ग्रंथों में इसे भूलकर भी न करने अर्पित करने के निर्देश दिए गए हैं.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: Numerology Love Life: इन जन्म तिथि वालों के होते हैं कई अफेयर, कहलाते हैं ‘क्रश किंग’

मांस-मदिरा

लहसुन-प्याज की तरह मांस, मछली, मदिरा, शराब आदि तामसिक वस्तुएं हैं. केवल यही नहीं उन्हें किसी भी प्रकार का नशीली चीजें चढ़ाना घोर पाप समझा जाता है. ऐसे करने से पितर नाखुश हो जाते हैं.

विज्ञापन

बासी-जूठा भोजन

विष्णु पुराण और अन्य ग्रंथों के अनुसार, जगत के पालनहार को बासी भोजन या पहले से चखा हुआ भोजन अर्पित करना उनका अपमान माना जाता है. मान्यता है कि इससे पितृ दोष उत्पन्न होता है और पूर्वजों की आत्मा तड़पती है.

भगवान विष्णु को वर्जित फूल

शास्त्रों के अनुसार, अगस्त्य के फूल, धतूरा और सफेद मंदार के फूल भगवान विष्णु को अप्रिय हैं. इन्हें कभी न चढ़ाएं. इससे भगवान रुष्ट हो जाते हैं और पूजा का फल नष्ट हो जाता हैं. जीवन में तनाव बढ़ता है.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: Numerology Love Traits: ‘फ्लर्टिंग’ को माइंड गेम की तरह खेलते हैं इस मूलांक के लोग, अंक ज्योतिष में जानें दिलचस्प खुलासा

निषिद्ध फल

श्रीहरि विष्णु को गूलर का फल चढ़ाना वर्जित हैं. इसके साथ ही उन्हें कड़वे फल, जैसे- करेला, नीम का फल या कड़वे ककड़ी आदि का भी भोग नहीं लगाना चाहिए. ऐसा करने से घर की सुख-शांति का नाश होता है.

विज्ञापन

तंबाकू मिश्रित पान

कई लोग अनजाने में पान में तंबाकू मिलाकर भगवान विष्णु को भोग लगा देते हैं. विष्णु पूजा में तंबाकू या तंबाकू मिश्रित कोई भी पदार्थ पूर्णतया वर्जित है. तंबाकु युक्त कोई भी वस्तु श्रीहरि चढ़ाने गंभीर दोष लगता है. व्यक्ति स्वास्थ्य और धन हानि से परेशान रहता है.

यह भी पढ़ें: Dream Interpretation Meaning: सपने में टूटता हुआ तारा देखना किस बात का है संकेत, जानें स्वप्न शास्त्र का रहस्य

विज्ञापन

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shyamnandan

श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola