Furniture Vastu Tips: घर की साज-सज्जा में फर्नीचर सिर्फ सुविधा नहीं देता, यह ऊर्जा का प्रवाह भी तय करता है। हाल के वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, गलत दिशा, खराब लकड़ी या टूटा सामान आर्थिक परेशानी और तनाव को बढ़ा सकता है। इसलिए फर्नीचर चुनते और रखते समय कुछ आसान नियम अपनाना जरूरी है, ताकि घर में संतुलन और सकारात्मक माहौल बना रहे। कहते हैं, फर्नीचर के वास्तु से जुड़ी गलती आर्थिक मुश्किलें बढ़ा सकता है।
सही लकड़ी का चुनाव
फर्नीचर बनवाते समय लकड़ी का चयन बेहद अहम माना गया है। शीशम, सागवान, साल, नीम और अशोक की लकड़ी शुभ मानी जाती है। ये घर में स्थिरता और सुकून लाती हैं। इसके विपरीत पीपल और बरगद की लकड़ी से बना फर्नीचर न रखने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इसे नकारात्मक ऊर्जा से जोड़ा जाता है।
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टूटा सामान दे सकता है संकेत
घर में टूटा या चटका हुआ फर्नीचर रखना अच्छा नहीं माना जाता। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह रुकी हुई ऊर्जा और आर्थिक नुकसान का संकेत हो सकता है। सोफा, कुर्सी या अलमारी अगर खराब हो जाए, तो उसे तुरंत ठीक करवाना या बदलना बेहतर रहता है।
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दिशा का रखें ध्यान
भारी फर्नीचर जैसे बेड, सोफा और अलमारी को दक्षिण या पश्चिम दिशा में रखना उपयुक्त माना गया है। इससे घर में स्थिरता बनी रहती है। उत्तर-पूर्व दिशा को हल्का और खुला रखना चाहिए। इस हिस्से में भारी सामान रखने से स्वास्थ्य और धन पर असर पड़ सकता है।
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बेड और डाइनिंग का सही आकार
बेड हमेशा आयताकार होना चाहिए और सिरहाना दक्षिण दिशा में रखना बेहतर माना जाता है। इससे नींद अच्छी आती है। डाइनिंग टेबल भी चौकोर या आयताकार होनी चाहिए। अनियमित आकार की टेबल परिवार में असंतुलन ला सकती है।
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रंग और डिजाइन का असर
बहुत गहरे या काले रंग का फर्नीचर वातावरण को भारी बना सकता है। हल्के और प्राकृतिक रंग ज्यादा सुकून देते हैं। साथ ही, फर्नीचर पर हिंसक जानवरों या दुखी आकृतियों की डिजाइन से बचना चाहिए, क्योंकि यह मानसिक तनाव बढ़ा सकती हैं।
पुराना फर्नीचर सोच-समझकर
किसी अनजान व्यक्ति का पुराना फर्नीचर, खासकर बेड, उपयोग करने से पहले सावधानी जरूरी है। माना जाता है कि उसमें पिछली ऊर्जा का असर रह सकता है। यदि उपयोग करना ही हो, तो उसे अच्छी तरह साफ और रिपेयर कर लें।
सफाई भी है जरूरी
फर्नीचर के नीचे और पीछे धूल या जाले जमा न होने दें। यह रुकावट और ठहराव का संकेत माना जाता है। नियमित सफाई से घर में ताजगी बनी रहती है और ऊर्जा का प्रवाह बेहतर होता है।
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.