Shani Gochar 2025: शनि ग्रह 29 मार्च 2025 को मीन राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। मीन राशि में शनि के प्रवेश के साथ ही कई बड़े बदलाव लोगों के जीवन में होना तय हैं। वहीं, राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी इस गोचर का असर पड़ेगा। शनि किसी राशि में ढाई साल तक रहते हैं। शनि के गोचर को ज्योतिष में काफी अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। शनि के गोचर को लेकर भविष्यमालिका पुराण में भी कई भविष्यवाणियां लिखी हुई हैं।
इसमें दुनिया के अंदर इस गोचर का असर और इस समय में तृतीय विश्वयुद्ध से लेकर महाप्रलय होने तक की भविष्यवाणियां की गई हैं। भविष्यमालिका के अनुसार शनि के मीन राशि में गोचर के दौरान देश-दुनिया में कई विनाशकारी घटनाएं होंगी। हालांकि इसके पहले भी भविष्यमालिका में लिखी हुईं भविष्यवाणियां सत्य हुई हैं।
क्या है भविष्यमालिका?
माना जाता है कि आज से करीब 600 साल पहले पांच संतो के समूह ने भूतकाल, वर्तमान और भविष्य की व्याख्या की थी। अच्युतानंद दास, अनंत दास, जसवंत दास, जगन्नाथ दास, और बलराम दास जैसे पांच संतों को पंचसखा कहा जाता था। चैतन्य महाप्रभु ने इन पंचसखा को अपने पांच शिष्य माना था और इन्हें ‘पंच आत्मा’ कहकर पुकारा था। इन पांच संतों के समूहों ने हिंदू प्राचीन ग्रंथो को संस्कृत से उड़ीया में अनुवाद किया था।
सच हुई हैं कई भविष्यवाणियां!
भविष्यमालिका में एक विदेशी शक्ति का भारत में शासन का जिक्र था, जो धीरे-धीरे पूरे देश को अपने कंट्रोल में ले लेगी। यह भविष्यवाणी 18वीं और 19वीं सदी में सत्य हुई थी, उस समय भारत पर ब्रिटिश शासन स्थापित हो गया था। इसके साथ ही यह भी लिखा था कि भारत के लोग इस विदेशी शासन के खिलाफ संघर्ष करेंगे और स्वतंत्रता प्राप्त करेंगे। यह भी सत्य हुई थी, भारत को 1947 में स्वतंत्रता मिली थी।
भविष्यमालिका में लिखा था कि एक संत समान व्यक्ति बिना किसी हथियार के अपने विचारों के माध्यम से देश को स्वतंत्रता दिलाने में बड़ी भूमिका निभाएगा। यह भी भविष्यवाणी महात्मा गांधी के रूप में सत्य हुई थी। भविष्यमालिका में कोरोना वायरस, ग्लोबल वार्मिंग आदि की भी भविष्यवाणियां सत्य हुई हैं।
कब होगा तीसरा विश्वयुद्ध?
भविष्यमालिका के अनुसार जब शनि मीन राशि में होंगे और पुरी अंतिम राजा गजपति महाराज होंगे। ऐसा भी दावा किया गया है कि ओड़िसा के राजा दिव्यसिंह गजपति के काल में गगन गद्दी संभालेंगे तब समुद्र में जगन्नाथ मंदिर डूब जाएगा। फिलहाल अभी दिव्यसिंह की गजपति महाराजा हैं और गगन मंदिर में सेवक की भूमिका में हैं।
भविष्यमालिका के अनुसार जब शनि मीन राशि में होंगे तो यह समय देश-दुनिया के लिए काफी घातक होगा। 2025 में तीसरे विश्वयुद्ध के पहले चरण की शुरुआत हो सकती है। हालांकि इसकी नींव पहले ही रखी जा चुकी होगी। लोग इसको रूस-यूक्रेन और इजराइल-गाजा वार से भी जोड़ते हैं। साल 2025 से लेकर 2027 के बीच में तीसरे विश्वयुद्ध की स्थिति बनेगी। इस समय आसमान आग उगलेगा, मतलब गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ जाएगी। इस समय भारत में भी गृहयुद्ध छिड़ जाएगा। आगजनी की दुर्घटनाएं बढ़ जाएंगी। सांप्रदायिक हिंसा के मामले सामने आएंगे, जिससे पूरे देश में अव्यवस्था देखने को मिलेगी।
बढ़ जाएंगी प्राकृतिक आपदाएं
भविष्यमालिका के अनुसार मीन राशि में शनि आने से प्राकृतिक आपदाएं बढ़ेंगी। दुनिया के कई क्षेत्रों में सूखा पड़ जाएगा। फसलें नष्ट होंगी, जिससे भूखमरी, अकाल जैसी स्थितियां बनेंगी। वहीं, कई जगहों पर बाढ़ की स्थिति भी बन जाएगी और फसलें खराब हो सकती हैं। इस दौरान लोग एक-दूसरे के खून के प्यासे हो जाएंगे।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र पर और मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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