Bada Mangal 2026 Date: गर्मी के बीच जब ज्येष्ठ का महीना आता है, तब उत्तर भारत में भक्ति का एक अलग ही रंग दिखाई देता है. खासकर मंगलवार को मंदिरों में असाधारण भीड़ उमड़ती है. इसे बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहा जाता है. यह केवल पूजा का दिन नहीं, बल्कि सेवा, दान और सामाजिक एकता का भी खास अवसर बन जाता है.
आपको बता दें, उत्तर प्रदेश के लखनऊ में यह परंपरा नवाबी दौर से जुड़ी मानी जाती है. यहां हिंदू और मुस्लिम समुदाय मिलकर भंडारे लगाते हैं. वाराणसी के घाटों पर भी भक्तों की भारी भीड़ दिखाई देती है. यह पर्व सामाजिक सौहार्द का सुंदर उदाहरण बन चुका है.
---विज्ञापन---
2026 में कब-कब है बड़ा मंगल?
साल 2026 के ज्येष्ठ मास में कुल 5 मंगलवार पड़ने वाले हैं, जो हनुमान जी की आराधना के लिए बेहद खास माने जा रहे हैं. इनकी तिथियां इस प्रकार हैं:
---विज्ञापन---
पहला बड़ा मंगल: 5 मई, 2026
दूसरा बड़ा मंगल: 12 मई, 2026
तीसरा बड़ा मंगल: 19 मई, 2026
चौथा बड़ा मंगल: 26 मई, 2026
पांचवां बड़ा मंगल: 2 जून, 2026
इन दिनों को लेकर भक्त पहले से तैयारी करते हैं. मंदिरों में विशेष सजावट होती है और सुबह से ही लंबी कतारें लग जाती हैं.
यह भी पढ़ें: Chaiti Chhath: 22 मार्च से नहाय-खाय के साथ शुरू होगी चैती छठ, जानें व्रत की पूरी डेट्स और खास नियम
क्यों खास है यह दिन?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी काल में हनुमान जी की पहली भेंट प्रभु श्रीराम से हुई थी. यही वजह है कि इन मंगलवारों को शक्ति और समर्पण का प्रतीक माना जाता है. यह भी विश्वास है कि सच्चे मन से पूजा करने पर जीवन की कठिनाइयां कम होती हैं और मन में साहस बढ़ता है.
पूजा विधि और सरल नियम
इस दिन सुबह जल्दी उठना शुभ माना जाता है. साधक स्नान के बाद लाल या केसरिया वस्त्र पहनते हैं और हनुमान मंदिर जाकर चोला चढ़ाते हैं. हनुमान जी के आगे चमेली के तेल का दीपक जलाते हैं. इस दिन मंत्र जाप विशेष फल देता है. हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करते हैं.
दान और सेवा का महत्व
बड़ा मंगल केवल पूजा तक सीमित नहीं है. इस दिन दान करना विशेष पुण्य देता है. लोग सड़कों पर पानी के स्टॉल लगाते हैं. राहगीरों को शरबत और भोजन कराया जाता है. बंदरों को गुड़ और चना खिलाना भी शुभ माना जाता है. पक्षियों के लिए पानी रखना भी इस मौसम में जरूरी सेवा है.
यह भी पढ़ें: Samudrik Shastra: शरीर के 7 लक्षण देते हैं चमकती किस्मत के संकेत, जानें कितने लकी हैं आप
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.