Amarnath Yatra 2026: इस साल बाबा अमरनाथ के दर्शनों को जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी खबर है. इस साल इस यात्रा के दौरान हेलिकॉप्टर सेवाएं पूरी तरह बंद रहेंगी. जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने यात्रा मार्ग को 'नो-फ्लाई जोन' घोषित कर दिया है. यह फैसला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लिया गया है, ताकि किसी भी हवाई खतरे से बचा जा सके.

सुरक्षा लिए उठाया गया कदम

यह निर्णय उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद लिया गया. मीटिंग में सेना, पुलिस और खुफिया एजेंसियों के अधिकारी मौजूद थे. प्रशासन ने स्पष्ट किया कि संवेदनशील पहाड़ी रास्तों की हवाई निगरानी जरूरी थी. अब सुरक्षा बल 24x7 घंटे आसमान से पूरे रूट पर नजर रखेंगे.

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हवाई सेवाएं पूरी तरह बंद

1 जुलाई से यात्रा समाप्त होने तक पूरा अमरनाथ कॉरिडोर 'नो-फ्लाई जोन' रहेगा. बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों पर सुरक्षा एजेंसियों के अलावा किसी भी हवाई गतिविधि की इजाजत नहीं होगी. इस फैसले से श्रद्धालुओं को अब अपनी यात्रा की योजना दोबारा बनानी होगी.

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यात्रा के वैकल्पिक साधन

श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड ने यात्रियों से अपील की है कि वे पैदल, घोड़े-खच्चर या पालकी के सहारे यात्रा करें. हेलिकॉप्टर का विकल्प न होने के कारण भक्तों को अपनी सेहत और फिटनेस पर खास ध्यान देना होगा. बोर्ड ने एडवांस रजिस्ट्रेशन समय पर पूरा करने की सलाह भी दी है.

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जोरों पर है तैयारियां

यात्रा मार्ग के दोनों रास्तों पर बर्फ हटाने का काम तेजी से चल रहा है. बालटाल और नुनवान बेस कैंप में टेंट सिटी बन रही है, जो 15 जून तक पूरी हो जाएगी. 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलने वाली इस यात्रा के लिए अब तक 113 संस्थाओं को लंगर लगाने की अनुमति मिल चुकी है.

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8 जून को दिल्ली में अहम बैठक

8 जून को नई दिल्ली में देश के गृह मंत्री अमित शाह एक बड़ी बैठक करेंगे. इसमें उपराज्यपाल और सुरक्षा एजेंसियों के सभी प्रमुख शामिल होंगे. आतंकवाद विरोधी रणनीतियों, काफिलों की सुरक्षा और एंटी-ड्रोन तकनीक पर अंतिम फैसला लिया जाएगा.

यात्री भक्तों के लिए सलाह

हेलिकॉप्टर न होने से पैदल यात्रा थोड़ी कठिन होगी, इसलिए अभी से सुबह टहलना और प्राणायाम शुरू करें. पहाड़ों पर ऑक्सीजन कम होती है, इसलिए जरूरी दवाएं और गर्म कपड़े साथ रखें. प्रशासन पूरी मुस्तैदी से आपकी सुरक्षा में है. समय रहते अपना रजिस्ट्रेशन जरूर करा लें.

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