भारत और पाकिस्तान, दोनों की 'ताकत' होगी इस मुस्लिम देश के पास; कर रहा हथियारों की महाडील

दुनिया के रक्षा बाजार में इन दिनों एक मुस्लिम बहुल देश का नाम जोर-शोर से गूंज रहा है, जो अपनी सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने के लिए वैश्विक शक्तियों के बीच संतुलन की नीति अपना रहा है.

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दुनिया के रक्षा बाजार में इन दिनों एक मुस्लिम बहुल देश का नाम जोर-शोर से गूंज रहा है, जो अपनी सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने के लिए वैश्विक शक्तियों के बीच संतुलन की नीति अपना रहा है. यह देश न केवल दक्षिण एशिया के पारंपरिक प्रतिद्वंद्वियों भारत और पाकिस्तान को एक साथ अपनी कूटनीतिक मेज पर बिठा रहा है, बल्कि उनकी उन्नत हथियार प्रणालियों को अपनाकर क्षेत्रीय सुरक्षा की नई परिभाषा गढ़ रहा है.  

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इंडोनेशिया कर रहा हथियारों की महाडील

इंडोनेशिया कर रहा हथियारों की महाडील2 / 9

इंडोनेशिया ने हाल के वर्षों में अपनी सैन्य ताकत को बढ़ाने के लिए वैश्विक हथियार बाजार में सक्रिय भूमिका निभाई है, जहां यह देश अब एक महत्वपूर्ण खरीदार के रूप में उभर रहा है. इस अभियान का केंद्रबिंदु दक्षिण-पूर्व एशिया के विवादित जलक्षेत्रों में समुद्री सीमाओं की सुरक्षा है. सरकार ने बजट में रक्षा खर्च को दोगुना करने का फैसला लिया है.

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पाकिस्तान के साथ JF-17 थंडर विमानों पर बातचीत

पाकिस्तान के साथ JF-17 थंडर विमानों पर बातचीत3 / 9

जनवरी 2026 में पाकिस्तान और इंडोनेशिया के बीच उच्च स्तरीय बैठक में JF-17 थंडर लड़ाकू विमानों की बिक्री प्रमुख मुद्दा बनी, जहां पाकिस्तान ने 40 इकाइयों की पेशकश की. यह विमान, जो पाकिस्तान और चीन के संयुक्त उद्यम का उत्पाद है, इंडोनेशिया की वायुसेना के लिए किफायती और बहुमुखी विकल्प माना जा रहा है.

भारत से ब्रह्मोस मिसाइल की डील

भारत से ब्रह्मोस मिसाइल की डील4 / 9

मार्च 2026 में इंडोनेशिया ने भारत के साथ ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रणाली के लिए औपचारिक समझौता किया, जो 200 से 350 मिलियन डॉलर की राशि के बीच का सौदा है. यह खरीदारी फिलीपींस के बाद भारत की इस मिसाइल का दूसरा विदेशी निर्यात है, जो नौसेना के लिए जहाज-आधारित लॉन्च क्षमता प्रदान करेगी.

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साउथ चाइना सी में बढ़ता तनाव

साउथ चाइना सी में बढ़ता तनाव5 / 9

चीन की विस्तारवादी नीतियों के कारण साउथ चाइना सी क्षेत्र में तनाव चरम पर है, जहां इंडोनेशिया अपनी नौ-द्वीप समूह वाली भौगोलिक स्थिति के कारण सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है. इस संदर्भ में ब्रह्मोस जैसी मिसाइलें समुद्री हमलों का त्वरित जवाब देने में सक्षम हैं, जबकि JF-17 हवाई घेराबंदी को विफल करने में सहायक सिद्ध हो सकती हैं. इंडोनेशिया अब क्षेत्रीय देशों के साथ संयुक्त अभ्यास बढ़ाने की योजना बना रहा है.

भारत के रक्षा निर्यात के लिए ऐतिहासिक महत्व

भारत के रक्षा निर्यात के लिए ऐतिहासिक महत्व6 / 9

ब्रह्मोस सौदा भारत की 'मेक इन इंडिया' पहल को वैश्विक पटल पर मजबूत करता है, जो अब दक्षिण-पूर्व एशिया में अपनी पैठ बढ़ा रहा है. वियतनाम और मलेशिया जैसे पड़ोसी देश भी इसी मिसाइल में रुचि जता चुके हैं, जो भारत को एक विश्वसनीय हथियार आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थापित कर रहा है.

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पाकिस्तान की वैश्विक बाजार में प्रगति का संकेत

पाकिस्तान की वैश्विक बाजार में प्रगति का संकेत7 / 9

JF-17 की संभावित बिक्री पाकिस्तान के लिए एक बड़ा विदेशी मुनाफ़ा साबित हो सकती है, जो अफ्रीका और एशिया में विमानों का प्रचार तेज कर रहा है. अजरबैजान जैसे देशों के बाद इंडोनेशिया इस श्रृंखला में शामिल होता है, जो पाकिस्तान-चीन साझेदारी की सफलता को रेखांकित करता है.

इंडोनेशिया की तटस्थ खरीदारी नीति

इंडोनेशिया की तटस्थ खरीदारी नीति8 / 9

भारत और पाकिस्तान जैसे भू-राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों से एक साथ हथियार खरीदना इंडोनेशिया की व्यावहारिक रणनीति को दर्शाता है, जो किसी एक गुट पर निर्भरता से बचना चाहता है. यह नीति न केवल लागत प्रभावी है, बल्कि तकनीकी विविधता भी सुनिश्चित करती है, जिससे सैन्य कमजोरियां कम होती हैं.

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रक्षा को सशक्त बना रहा इंडोनेशिया

रक्षा को सशक्त बना रहा इंडोनेशिया9 / 9

इन खरीदारी से इंडोनेशिया न केवल अपनी रक्षा को सशक्त बना रहा है, बल्कि साउथ चाइना सी में संतुलन की कोशिश भी कर रहा है, जो चीन को अप्रत्यक्ष चेतावनी देता है. भारत और पाकिस्तान के बीच अप्रत्यक्ष पुल का काम करते हुए यह कदम दक्षिण एशिया-दक्षिण-पूर्व एशिया सहयोग को बढ़ावा देगा.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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