NASA के पहले मून मिशन ने चांद के कौन-कौन से राज खोले थे? जानकर हैरान रह जाएंगे आप
नासा के पहले मून मिशन ने चांद को लेकर कई ऐसे राज खोले, जिन्होंने दुनिया की सोच बदल दी. आखिर क्या-क्या सामने आया, यह जानकर हर कोई सच में हैरान रह जाएगा.

20 जुलाई 1969 को नील आर्मस्ट्रॉन्ग ने चांद पर पहला कदम रखकर इतिहास रच दिया था. इस मिशन में उनके साथ बज एल्ड्रिन भी थे जिन्होंने चांद की धूल भरी सतह पर चहलकदमी की.
मिट्टी के नमूने
2 / 6अंतरिक्ष यात्री अपने साथ करीब 21 किलो वजन के पत्थर और मिट्टी के नमूने लेकर सुरक्षित लौटे थे. इन नमूनों से वैज्ञानिकों को चांद की सही उम्र और उसकी बनावट की बड़ी जानकारी मिली.
खास वैज्ञानिक उपकरण
3 / 6नील और उनके साथियों ने वहां लेजर रिफ्लेक्टर जैसे कई जरूरी और आधुनिक उपकरण लगाए थे. इनकी मदद से पृथ्वी से चांद की सटीक दूरी को पहली बार बहुत बारीकी से मापा गया.
अनोखा अनुभव
4 / 6चांद पर हवा न होने से वहां का आसमान एकदम काला दिखता था और चारों तरफ खामोशी थी. गुरुत्वाकर्षण कम होने की वजह से वहां चलना बहुत अलग था और हर कदम पर धूल उड़ रही थी.
बड़ी मानवीय जीत
5 / 6इतनी दूर जाकर जोखिम में काम करना इंसान के साहस और टीमवर्क की सबसे बड़ी परीक्षा थी. इस मिशन की सफलता ने भविष्य की अंतरिक्ष यात्राओं के लिए एक सुरक्षित रास्ता खोल दिया.
नया वैज्ञानिक नजरिया
6 / 6चांद के पत्थरों ने वैज्ञानिकों को यह सोचने पर मजबूर किया कि इसका जन्म किसी बड़े टकराव से हुआ होगा. अंतरिक्ष से अपनी नाजुक धरती को देखकर इंसान ने पर्यावरण की कीमत को समझा.