Bihar Unique Marriage: दोस्त की विधवा से शादी कर तीन बेटियों को दिया सहारा
दिल को छू लेनेवाली दोस्ती की एक ताजी कहानी बिहार के औरंगाबाद जिले की है, जहां एक युवक ने न केवल दोस्त की विधवा से शादी रचाई बल्कि वह तीन बेटियों का सहारा भी बना. इस अनोखी शादी को जानकर हर कोई इस शादी की तारीफ कर रहा है.

दरअसल यह शादी औरंगाबाद शहर के शाहपुर स्थित सूर्य मंदिर प्रांगण में संपन्न हुई, जहां युवक और दोस्त की विधवा ने ईश्वर सूर्यदेव को साक्षी मानकर दांपत्य जीवन में प्रवेश किया. इस मौक पर जिला पार्षद अनिल यादव, राजद नेता डॉ. रमेश यादव एवं अन्य गणमान्य लोगों ने नवदंपत्ती को आशीर्वाद दिया.
संकट के दौर से गुजर रही थी विधवा
2 / 5मिली जानकारी के मुताबिक औरंगाबाद सदर प्रखंड के अमोला बिगहा निवासी नीतीश ठाकुर की मई 2025 में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी. मौत के बाद से पत्नी सोनी कुमारी (27) एवं उसकी तीन बेटियां बेसहारा हो गई थी. बच्चों के शिक्षा व भरण-पोषण के साथ दैनिक जरूरतों को पूरा करने का भी संकट उत्पन्न हो गया था. संकट की इस कठिन घड़ी में मृतक नीतीश का दोस्त उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के देवकली गांव निवासी नवलेश ठाकुर (28) सहारा बना.उसने अपने दोस्त की विधवा पत्नी की मदद की. तीनों बेटियों की सहायता की. इसी दौरान दोस्त ने साहसिक कदम उठाते हुए मित्र की विधवा के समक्ष शादी का प्रस्ताव रखा.
विधवा ने शादी के लिए रखी शर्त
3 / 5इस पर विधवा ने कहा कि दोनों के परिवार सहमत होंगे, तभी वह शादी कर सकती है. इसके बाद दोस्त ने इस शादी के लिए अपने परिवारवालों की रजामंदी ली. अपने परिवार की रजामंदी के बाद उसने दोस्त के परिवारवालों से बात की. बात करने पर दोस्त के परिवारवाले भी दोनों की शादी के लिए सहमत हो गए. इसके बाद दोनों परिवारों की सहमति से दोनों की शहर के सूर्य मंदिर में शादी करा दी गई.
शाहजहांपुर में हुई थी दोनों की दोस्ती
4 / 5परिजनों ने बताया कि नवलेश ठाकुर और सोनी के पहला पति मृतक नीतीश ठाकुर दोनों दोस्त थे. दोनों में दोस्ती शाहजहांपुर में प्राईवेट कंपनी में काम करने के दौरान हुई थी. दोनों उसी कंपनी में एक साथ काम करते थे. नीतीश की मौत के बाद नवलेश द्वारा दोस्त की विधवा को दी जा रही सहायता के बावजूद परिजन सोनी की तीन बेटियों ज्योति(8), शिवानी(6) एवं परी(4) के भरण पोषण और शिक्षा को लेकर बेहद चिंतित थे. इसी दौरान नवलेश द्वारा सोनी के साथ शादी करने के प्रस्ताव ने परिवार को सोनी के लिए नई जिंदगी की शुरुआत की उम्मीद जगाई लेकिन परिवार ने शादी के निर्णय के पहले ठोक-बजाना उचित समझा.
नीतीश और नवलेश एक ही जाति से
5 / 5शक-शुबहा दूर करने में परिवार की उम्मीद में जिला पार्षद अनिल यादव और राजद नेता डॉ. रमेश यादव ने जांच-परख कर परिवार को आश्वस्त किया कि नवलेश और नीरज में बहुत अच्छी दोस्ती थी. दोस्ती के नाते ही वह सोनी और उसकी बेटियों की मदद कर रहा है. दोनों ही एक ही जाति से है और नवलेश से शादी कर सोनी खुश रहेगी तथा उसकी तीनों बेटियों का भी वह अच्छे से ख्याल रखेगा. शक-शुबहां दूर होने पर बात परिणाम तक पहुंची और अंततः सादगी के साथ दोनों परिणय सूत्र में बंध गए. शादी के बाद सोनी अपनी तीनों बेटियों को लेकर नवलेश के साथ शाहजहांपुर रवाना हो गई.