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गौतम गंभीर ने टीम इंडिया के लिए ओपनर के तौर पर अच्छा प्रदर्शन किया, टी20 वर्ल्ड कप 2007 और वनडे वर्ल्ड कप 2011 की जीत में बड़ी भूमिका निभाई. हालांकि 2013 उनके लिए मुश्किल रहा, जहां उन्होंने 7 वनडे मैचों में सिर्फ 21.86 का एवरेज और 67.11 का स्ट्राइक रेट रखा. सबसे लंबे फॉर्मेट में उन्होंने 2014 में सिर्फ 2 टेस्ट खेले, जहां उन्होंने सिर्फ 18 रन बनाए.

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खिलाड़ी के खराब फॉर्म के बीच सिलेक्शन पैनल ने उन्हें हटाने का फैसला किया, और शिखर धवन जैसे खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया जो आसानी से जम गए. संदीप पाटिल ने गौतम गंभीर को टीम से बाहर करने के फैसले को याद किया और बताया कि तब से उन्होंने उनसे बात नहीं की है.

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संदीप पाटिल ने एचटी से कहा, 'जब आप सिलेक्शन कमिटी की कुर्सी पर बैठते हैं, तो आप कुछ बड़े फैसले लेने के लिए जिम्मेदार होते हैं. आप खिलाड़ियों के साथ अपनी दोस्ती/तालमेल नहीं देखते. सचिन के साथ मेरे अच्छे रिश्ते तब से हैं जब वो 14 साल के थे. वो मेरे अंडर, मेरे साथ खेले हैं. जब भी मैं उसे टेक्स्ट करता हूं, वो तुरंत जवाब देते हैं.'

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पाटिल ने आगे कहा, 'मैं हाल ही में फ्लाइट में युवराज से मिला; बहुत अच्छे से. यहां तक कि वीरेंद्र सहवाग से भी. वो सभी मुझसे अच्छे से बात करते हैं. गंभीर को छोड़कर. वो मुझे बहुत प्यारा था. आज भी मैं उसकी बहुत इज्जत करता हूं, लेकिन वो मुझसे नाराज़ है, और सही भी है.'

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पाटिल ने कहा, 'जब मुझे बाहर किया गया तो मैं भी सिलेक्शन कमिटी से नाराज था. मैंने पाकिस्तान में 100 रन बनाए, जो इंग्लैंड के खिलाफ कोटला में दोनों इनिंग्स में सबसे ज्यादा थे, और मुझे बाहर कर दिया गया. फिर कभी टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला.'

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गौतम गंभीर को 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज के दौरान टेस्ट टीम में वापस बुलाया गया था. हालांकि ये मौका बहुत कम समय का था क्योंकि वो अपनी 4 पारियों में कोई खास असर नहीं डाल पाए, जिसमें एक डक भी शामिल था, जिससे उनके करियर का अंत हो गया. ओपनर ने आखिरकार 2018 में खेल के सभी फॉर्मेट से रिटायरमेंट की घोषणा कर दी.

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संदीप पाटिल ने आगे बताया कि जब भी उनकी मुलाकात गंभीर से हुई है, उन्होंने उन्हें इग्नोर किया है. पाटिल ने आगे कहा, 'गंभीर अभी भी परेशान हैं. उन्होंने मुझसे कभी बात नहीं की. हम कई अलग-अलग शो में साथ आए हैं. हम एक ही कमरे में बैठे हैं, लेकिन गौतम ने कभी मेरी तरफ देखा तक नहीं. ये ठीक है. हर बार जब मैंने उनसे बात करने की कोशिश की या 'हाय' कहा, तो उन्होंने कभी जवाब नहीं दिया. एक नजर भी नहीं डाली. लेकिन यह ठीक है.' गौरतलब है कि संदीप पाटिल का सिलेक्टर के तौर पर चार साल का कार्यकाल 2016 में खत्म हो गया, और उनकी जगह एमएसके प्रसाद ने ली.