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शशांक ने बताया कि पिछले साल जब वो अपनी फॉर्म से जूझ रहे थे, तब पोंटिंग ने उनका कैसे साथ दिया था. उनको 31 मार्च को इस सीजन के अपने पहले मैच में गुजरात टाइटंस के खिलाफ खेलते हुए देखा जा सकता है.

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सिर्फ 2 खिलाड़ियों में से एक के तौर पर रिटेन किए जाने के बाद, शशांक ने टीम मैनेजमेंट के भरोसे को सही साबित करते हुए PBKS के फाइनल तक के सफर में 350 रन बनाए. पिछले मैच में, वह जीत दिलाने के बेहद करीब पहुँच गए थे, लेकिन आखिरी ओवर के रोमांचक मुकाबले में चूक गए.

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पंजाब किंग्स के एक प्रैक्टिस सेशन के दौरान शशांक ने कहा, 'रिकी सर का मुझ पर बहुत गहरा असर रहा है. पिछले साल, जब मैं प्रैक्टिस मैचों में ज्यादा रन नहीं बना पा रहा था, तो उन्होंने मुझसे कहा कि ज्यादा सोचना बंद करो और बस खुलकर खेलो. इससे मुझे सच में बहुत मदद मिली. चोट लगने के दौरान भी, वो लगातार मेरा हाल-चाल पूछते रहे. इस तरह के साथ से कॉन्फिडेंस बढ़ता है.'

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पिछले सीजन में पहली बार पंजाब किंग्स की कप्तानी करते हुए, श्रेयस अय्यर टीम को फाइनल तक ले गए थे. शशांक सिंह ने अय्यर की तारीफ करते हुए उन्हें एक 'शानदार कप्तान' बताया. जाहिर सी बात है कि वो अपने लीडर की क्वालिटीज से काफी ज्यादा इम्प्रेस हैं.

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उन्होंने कहा, 'श्रेयस एक बेहतरीन कप्तान हैं और इससे भी ज्यादा जरूरी बात ये है कि वो एक बहुत अच्छे इंसान हैं. वो सबके साथ एक जैसा बर्ताव करते हैं, चाहे आप अच्छा खेलें या न खेलें... उनका रवैया कभी नहीं बदलता, और टीम के माहौल में यह बात बहुत मायने रखती है.'

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अलग-अलग पोजीशन में बल्लेबाजी करने के बाद, शशांक ने अब लोअर मिडल ऑर्डर में अपनी जगह पक्की कर ली है, जहां दबाव में भी शांत रहने की उनकी काबिलियत उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गई है. उन्होंने कहा, 'पिछले दो सीजन में, मैंने ज्यादातर 5वें, 6वें या 7वें नंबर पर बल्लेबाजी की है, और अब मुझे इस रोल में खेलने में मजा आने लगा है. ये मैच के सबसे अहम पल होते हैं, और मुझे ये जिम्मेदारी निभाना पसंद है. जैसे-जैसे मेरा l बढ़ रहा है, मैं इस जगह पर और भी ज्यादा सहज महसूस करने लगा हूं.'