IPL 2026 के इंग्लिश कमेंट्री पैनल में इकलौती भारतीय महिला कौन? टीम इंडिया के लिए खेल चुकी हैं 150+ मैच
Anjum Chopra IPL Commentary: इंडियन प्रीमियर लीग को रोमांचक बनाने में जितना क्रिकेटर्स का योगदान रहता है, उतना ही एक्साइटिंग इसे ब्रॉडकास्टर्स पैनल के लोग बनाते हैं. इस साल आईपीएल 2026 की इंग्लिश कमेंट्री पैनल की पूरी लिस्ट आ चुकी है, लेकिन इसमें सिर्फ एक भारतीय महिला का नाम है.

आमतौर पर क्रिकेट कमेंट्री पैनल में मेल कमेंटेटर्स की भरमार रहती है, जिसमें महिला ब्रॉडकास्टर्स काफी कम नजर आती हैं. इस बार के आईपीएल में भारत की सिर्फ एक फीमेल लेजेंड कमेंट्री करती हुई नजर आएंगी, और वो हैं अंजुम चोपड़ा.
2 / 6आईपीएल 2026 के इंग्लिश ब्रॉडकास्टर्स पैनल में 27 नामों की लिस्ट है, जिसमें आप अंजुम चोपड़ा का नाम नजर आ रहा है, वो इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीजन में अंग्रेजी भाषा में कमेंट्री करते हुए नजर आएंगी. उन्हें इस काम का अच्छा खासा तजुर्बा है.
3 / 6गौरतलब है कि आईपीएल 2026 के अंग्रेजी कमेंट्री पैनल में एबी डिविलियर्स, डेल स्टेन, फाफ डु प्लेसिस, केविन पीटरसन, एरोन फिंच, इयोन मोर्गन, माइकल क्लार्क, मिशेल मैक्लेनेगन, दीप दासगुप्ता, सुनील गावस्कर, रवि शास्त्री, हर्षा भोगले, इयान बिशप, साइमन डूल, डैनियल मॉरिसन, डेरेन गंगा, निक नाइट, ग्रीम स्वान, म्पुमेलो मबांगवा, साइमन कैटिच, मुरली कार्तिक, डब्ल्यूवी रमन, अंजुम चोपड़ा. अभिनव मुकुंद, एलन विल्किंस, केटी मार्टिन, रौनक कपूर का नाम शामिल है.
4 / 6अंजुम चोपड़ा का कमेंट्री करियर काफी कामयाब और इंस्पायरिंग रहा है. इंटरनेशनल करियर को अलविदा कहने के बाद उन्होंने इस फील्म अपनी अलग पहचान बनाई. वो ICC के बड़े टूर्नामेंट्स में कमेंट्री करने वाली पहली भारतीय महिला कमेंटेटर्स में शामिल हैं. आईपीएल के अलावा वो डब्ल्यूपीएल में भी कमेंट्री कर चुकी हैं.
5 / 6अंजुम चोपड़ा भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान रह चुकी हैं, उन्होंने भारत के लिए 12 टेस्ट, 127 वनडे और 18 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले हैं. इन तीनों फॉर्मेट के 157 मुकाबलों में उन्होंने कुल 3645 रन अपने नाम किए हैं.
6 / 6अंजुम चोपड़ा के अलवा आईपीएल 2026 के ब्रॉडकास्टर्स पैनल दूसरी फीमेल कमेंट्रर भी शामिल हैं जिनका नाम कैटी मार्टिन है, वो न्यूजीलैंड के लिए 199 इंटरनेशनल मुकबाले खेल चुकी हैं. रिटायरमेंट के बाद उन्होंने कमेंट्री में हाथ आजमाया और धीरे-धीरे कामयाबी की सीढ़ी चढ़ती गईं.