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Salim Khan Best Movies: मशहूर लेखक Salim Khan इस समय लीलावती हॉस्पिटल में एडमिट हैं. सलमान खान से लेकर दामाद आयुष तक सभी उन्हें देखने पहुंचे. ऐसे में उनकी कुछ फिल्मों के बारे में बात करेंगे, जिनकी वजह से बॉलीवुड का नक्शा ही बदल गया. वहीं उनकी 50 साल पुरानी एक फिल्म का रिकॉर्ड Dhurandhar जैसी फिल्म भी नहीं तोड़ पाई.

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सलीम खान बॉलीवुड के महान लेखक हैं. जावेद अख्तर के साथ उनकी जोड़ी को आज भी याद रखा जाता है. दोनों ने साथ में मिलकर कई ऐसी फिल्में लिखी, जिन्होंने हिंदी सिनेमा की दिशा ही बदलकर रख दी.

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उन्होंने बॉलीवुड को Angry Young Man दिया. साथ ही कई ऐसी फिल्में दी, जिनकी सफलता का रिकॉर्ड आजतक कोई फिल्म नहीं तोड़ पाई. कोई न कोई पैमाने पर उनकी फिल्में आगे दूसरी फिल्म छोटी पड़ जाती है. उनके दौर की फिल्मों में एक्शन और मसाला का पर्फेक्ट कॉम्बिनेशन पाया जाता था.

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इनसे अमिताभ बच्चन सुपरस्टार बने और बॉलीवुड में ब्लॉकबस्टर का जमाना शुरू हुआ. यहां उनकी 5 ऐसी फिल्में हैं जिन्होंने बॉलीवुड बदल दिया. इन्हीं 5 फिल्मों में से एक फिल्म तो इतनी सक्सेसफुल है, जिसका रिकॉर्ड कोई नहीं तोड़ पाया और आज भी बॉलीवुड की कल्ट क्लासिक फिल्म कहलाती है.

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जंजीर (1973)- यह फिल्म बॉलीवुड में बदलाव की शुरुआत थी. पहले हीरो रोमांटिक होते थे, लेकिन जंजीर में अमिताभ बच्चन ने पुलिस इंस्पेक्टर विजय की भूमिका निभाई. वह गुस्से से भरा 'एंग्री यंग मैन' था. फिल्म ने समाज की बुराइयों के खिलाफ लड़ाई दिखाई. इससे अमिताभ की छवि बदली और नया हीरो पैदा हुआ.

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दीवार (1975)- दीवार ने भावनाओं और संघर्ष को नया अर्थ दिया. दो भाइयों की कहानी, जहां एक पुलिसवाला और दूसरा अपराधी बनता है. इसका प्रसिद्ध डायलॉग "मेरे पास मां है" आज भी लोग याद करते हैं. इस फिल्म ने परिवार, नैतिकता और गुस्से को गहराई से दिखाया. अमिताभ की 'एंग्री यंग मैन' वाली छवि और मजबूत हुई.

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शोले (1975)- शोले बॉलीवुड की सबसे बड़ी फिल्म है. यह 5 दशक बाद भी नंबर 1 मानी जाती है. जय-वीरू की दोस्ती, गब्बर सिंह का खलनायक, बसंती का मजा, सब कुछ कमाल का था. इसने एक्शन, ड्रामा, कॉमेडी और डाकू-वेस्टर्न को मिलाकर मसाला फिल्म का रास्ता बनाया. शोले ने बॉलीवुड को विश्व स्तर पर पहचान दी और आज भी सबसे ज्यादा देखी जाने वाली फिल्म है.

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डॉन (1978)- डॉन ने एक्शन थ्रिलर को नया स्तर दिया. अमिताभ ने दो भूमिकाएं निभाईं, डॉन और विजय. "मैं हूं डॉन" वाला डायलॉग आज भी फेमस है. फिल्म ने सस्पेंस, स्टाइल और गाने जोड़े, जो कि उस जमाने के हिसाब से नया कॉन्सेप्ट था. इससे बॉलीवुड में हीरो की नई इमेज बनी और बाद में रीमेक भी हुए.

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त्रिशूल (1978)- यह फिल्म बदले की कहानी थी. अमिताभ ने एक ऐसे बेटे का किरदार निभाया जो पिता से बदला लेता है. परिवार, विश्वासघात और भावनाओं को गहराई से दिखाया. इसने सामाजिक मुद्दों को एक्शन के साथ जोड़ा और बॉलीवुड में पारिवारिक ड्रामा का नया रूप दिया.