IIT बाबा अभय सिंह की तरह इन 5 IITians ने भी इंजीनियरिंग छोड़ चुनी अध्यात्म की राह, नाम जान हो जाएंगे हैरान
IITians Who Chose Spirituality Over High-Paying Jobs: अधिकतर लोगों का सपना होता है कि वो आईआईटी में पढ़ें. जहां कुछ लोग कड़ी मेहनत से आईआईटी से पढ़ाई करने के बाद ऊंची सैलरी और शानदार करियर की ओर बढ़ते हैं, वहीं उन लोगों की भी कमी नहीं है जिन्होंने एक अलग रास्ता चुना. आज हम आपको उन 5 IITians के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने ऐशो-आराम की जिंदगी को छोड़ संन्यास की राह को चुनना ज्यादा उचित समझा.

बीते कुछ समय से देश में IIT बाबा अभय सिंह की खूब चर्चा हो रही है, जिन्होंने IIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से पढ़ाई करने के बाद अच्छी-खासी सैलरी वाली नौकरी को छोड़कर संन्यास और अध्यात्म की राह को चुना. हालांकि, अभय सिंह केवल अकेले ऐसे शख्स नहीं हैं, जिन्होंने इतना बड़ा कदम उठाया. उनसे पहले भी कई लोगों ने कॉर्पोरेट नौकरी व विदेश की चमक-दमक को ठुकराकर अध्यात्म और संन्यास की राह को अपनाया. यहां पर आप उन IITians के बारे में जानेंगे, जो इस समय सादगी से अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं.
स्वामी मुकुंदानंद
2 / 6स्वामी मुकुंदानंद ने IIT दिल्ली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की है, जिसके बाद उन्होंने IIM कोलकाता से MBA किया और कई साल तक अच्छी सैलरी पर नौकरी की. हालांकि, कुछ ही समय बाद वह कॉर्पोरेट करियर को छोड़कर स्वामी कृपालु जी महाराज के शिष्य बन गए और संन्यास ले लिया. इस समय स्वामी मुकुंदानंद को दुनियाभर में वेदांत, योग, भक्ति और ध्यान का प्रचार-प्रसार करने के लिए जाना जाता है.
गौरांग दास
3 / 6गौरांग दास एक मोटिवेशनल स्पीकर और लीडरशिप कंसल्टेंट हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि उन्होंने IIT बॉम्बे से मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग भी की है. कहा जाता है कि उन्होंने 1992 में इस्कॉन से जुड़कर भक्ति की राह को चुना और अध्यात्म को ही अपना जीवन समर्पित कर दिया.
खुर्शीद बटलीवाला
4 / 6खुर्शीद बटलीवाला ने IIT बॉम्बे से मैथमेटिक्स में मास्टर्स किया है. हालांकि, बहुत ही जल्द उन्होंने कॉर्पोरेट करियर को छोड़कर सन्यास की राह पर चलने का फैसला कर लिया था. वो इस समय आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन से जुड़े हैं, जबकि देशभर में उन्हें स्पिरिचुअल टीचर, हीलर और लेखक के रूप में जाना जाता है.
आचार्य प्रशांत
5 / 6आचार्य प्रशांत ने IIT दिल्ली से इंजीनियरिंग की है, जबकि MBA IIM अहमदाबाद से किया है. इसके अलावा उन्होंने सिविल सर्विसेज में भी काम किया है, जिसे छोड़ वो आध्यात्मिक शिक्षक बन गए. इस समय आचार्य प्रशांत को प्रसिद्ध आध्यात्मिक शिक्षक, वेदांत दार्शनिक और लेखक के रूप में जाना जाता है.
संकेत पारेख
6 / 6जैन मुनि संकेत पारेख IIT बॉम्बे से केमिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट हुए हैं. उन्होंने कई साल तक अमेरिका में अच्छी सैलरी पर जॉब भी की है. हालांकि, साल 2023 में उन्होंने दीक्षा ली और अपना जीवन अध्यात्म को समर्पित कर दिया. (All Image Credit- Social Media) (डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.)