Amarnath Cave Story: अमरनाथ गुफा में हमेशा कबूतर का जोड़ा क्यों रहता है, जानिए पौराणिक कथा

Amarnath Cave Story: अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई, 2026 से शुरू होगी, जहां पवित्र हिमलिंग के दर्शन होते हैं. अमरनाथ गुफा से जुड़ी एक रहस्यमयी कथा कबूतरों के जोड़े को लेकर भी काफी चर्चित है. आइए जानते हैं, इस गुफा में कबूतर का एक जोड़ा क्यों रहता है?

Amartnath-Dham-Story
1 / 7

विज्ञापन

अमरनाथ गुफा के कबूतर का रहस्य

अमरनाथ गुफा के कबूतर का रहस्य2 / 7

Amarnath Cave Story: अमरनाथ यात्रा हर साल श्रद्धालुओं के लिए आस्था और रोमांच का संगम लेकर आती है. वर्ष 2026 में यह यात्रा 3 जुलाई से 28 अगस्त तक चलेगी. 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा में बनने वाला प्राकृतिक हिमलिंग भक्तों को विशेष आध्यात्मिक अनुभव देता है. इसी गुफा से जुड़ी एक रहस्यमयी कथा कबूतरों के जोड़े की भी है, जो आज भी लोगों की जिज्ञासा का विषय बनी हुई है. आइए जानते हैं, अमरनाथ गुफा में हमेशा कबूतर का जोड़ा क्यों बैठा रहता है, जानिए पौराणिक कथा क्या है?

विज्ञापन

अमरनाथ यात्रा और इसकी खासियत

अमरनाथ यात्रा और इसकी खासियत3 / 7

जम्मू-कश्मीर की पहाड़ियों में स्थित यह धाम हिंदू धर्म के प्रमुख तीर्थों में गिना जाता है. मान्यता है कि यहां बाबा बर्फानी के दर्शन करने से व्यक्ति को कई तीर्थों के बराबर पुण्य मिलता है. इस बार यात्रा की अवधि 57 दिन रखी गई है और पंजीकरण प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है. बालटाल और पहलगाम, दोनों मार्गों से श्रद्धालु यात्रा कर सकेंगे.

कबूतरों का जोड़ा क्यों है खास

कबूतरों का जोड़ा क्यों है खास4 / 7

अमरनाथ गुफा में अक्सर एक कबूतर का जोड़ा दिखाई देने की बात कही जाती है. स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यह कोई सामान्य पक्षी नहीं, बल्कि अमरत्व से जुड़ी एक कथा का प्रतीक है. कहा जाता है कि इन कबूतरों को देखना शुभ माना जाता है और इसे दिव्य संकेत के रूप में देखा जाता है.

विज्ञापन

जब शिव ने सुनाई अमरकथा

जब शिव ने सुनाई अमरकथा5 / 7

पौराणिक कथाओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव से अमर होने का रहस्य जानने की इच्छा जताई थी. इसके बाद शिव उन्हें इस निर्जन गुफा में ले गए, ताकि कोई अन्य जीव इस रहस्य को न सुन सके. मान्यता है कि जो भी इस कथा को सुन लेता, वह अमर हो जाता. इसलिए शिव ने पूरी गोपनीयता के साथ यहां अमरकथा सुनाई.

पांच तत्वों का त्याग

पांच तत्वों का त्याग 6 / 7

कथा के अनुसार, गुफा तक पहुंचने से पहले भगवान शिव ने अपने सभी प्रतीकों को अलग कर दिया था. नंदी को पहलगाम में, चंद्रमा को चंदनवाड़ी में, गंगा को पंचतरणी में और सर्पों को शेषनाग में छोड़ा गया. आगे एक स्थान पर गणेश को भी विराम दिया गया. इसके बाद शिव ने पूरी तरह निर्लिप्त होकर पार्वती को अमरत्व का ज्ञान दिया.

विज्ञापन

अमर है कबूतरों का यह जोड़ा

अमर है कबूतरों का यह जोड़ा7 / 7

मान्यता है कि जब शिव पार्वती को यह कथा सुना रहे थे, तब एक कबूतर का जोड़ा अनजाने में इसे सुन बैठा. कथा सुनने के कारण वे अमर हो गए और आज भी उसी गुफा में मौजूद रहते हैं. श्रद्धालु इसे आस्था और चमत्कार का अद्भुत संगम मानते हैं, जो अमरनाथ यात्रा को और भी रहस्यमय बना देता है.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेखक के बारे में

Shyamnandan

Shyamnandan

श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
... और पढ़ें
विज्ञापन