अप्रैल महीने में क्यों हो रही इतनी बारिश? जानिए- इस बार सूरज की बजाय बादल क्यों दिखा रहे तेवर
अमूमन अप्रैल का महीना चिलचिलाती धूप, लू के थपेड़ों और पसीने वाली गर्मियों के आगाज के लिए जाना जाता है. लेकिन साल 2026 की शुरुआत कुछ अलग ही कहानी बयां कर रही है. उत्तर भारत से लेकर पश्चिम बंगाल तक, आसमान से बरसते पानी और गिरते ओलों ने हर किसी को हैरान कर दिया है. जहां एक तरफ तापमान में गिरावट ने लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी तरफ कटाई के लिए तैयार खड़ी फसलों पर 'आफत' बनकर ये बारिश बरस रही है. आखिर ऐसा क्या हुआ कि कुदरत ने अपना मिजाज पूरी तरह बदल लिया?

अमूमन अप्रैल का महीना चिलचिलाती धूप, लू के थपेड़ों और पसीने वाली गर्मियों के आगाज के लिए जाना जाता है. लेकिन साल 2026 की शुरुआत कुछ अलग ही कहानी बयां कर रही है. उत्तर भारत से लेकर पश्चिम बंगाल तक, आसमान से बरसते पानी और गिरते ओलों ने हर किसी को हैरान कर दिया है. जहां एक तरफ तापमान में गिरावट ने लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी तरफ कटाई के लिए तैयार खड़ी फसलों पर 'आफत' बनकर ये बारिश बरस रही है. आखिर ऐसा क्या हुआ कि कुदरत ने अपना मिजाज पूरी तरह बदल लिया?
एक्टिव हुआ वेस्टर्न डिस्टर्बेंस
2 / 7मौसम विभाग के अनुसार, एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है. यह गुजरात-राजस्थान सीमा से होते हुए उत्तर-पश्चिम भारत की ओर पहुंचा है. जिसकी वजह से बारिश हो रही है.
क्या होते हैं वेस्टर्न डिस्टर्बेंस?
3 / 7कैस्पियन या भूमध्य सागर में बनने वाले तूफानों को वेस्टर्न डिस्टर्बेंस कहा जाता है. इन तूफानों की वजह से उत्तर पश्चिम से ठंडी हवा चलती है. इसके चलते उत्तर पश्चिमी इलाकों में बिना मौसम की बारिश होती है.
भूमध्य सागर का प्रभाव
4 / 7भूमध्य सागर से उठने वाले ये तूफान इस बार ज्यादा नमी लेकर आए हैं. ग्लोबल वार्मिंग और वायुमंडलीय दबाव में बदलाव के कारण पश्चिमी विक्षोभ अब देरी से और ज्यादा तीव्रता के साथ आ रहे हैं.
जलवायु परिवर्तन का 'शिफ्ट'
5 / 7ग्लोबल वॉर्मिंग के कारण पश्चिमी विक्षोभ का पैटर्न बदल गया है. अब ये विक्षोभ सर्दियों के अंत के बजाय मार्च और अप्रैल में अधिक तीव्रता के साथ सक्रिय हो रहे हैं, जिससे गर्मियों की शुरुआत में देरी हो रही है.
किसानों की बढ़ी चिंता
6 / 7यह समय रबी की फसलों (गेहूं, सरसों) की कटाई का है. ऐसे में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि पकी-पकाई फसलों को बर्बाद कर सकती है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का डर है.
गर्मियों का आगाज और आगे खिसका
7 / 7वैसे तो अनुमान है कि 2026 की गर्मी 2024 का रिकॉर्ड तोड़ देगी, लेकिन इस बारिश की वजह से लू और भीषण गर्मी की शुरुआत में फिलहाल एक हफ्ते की देरी हो सकती है.