स्कूल जाने वाले बच्चे को कौन सी बोतल दें, स्टील, कांच, कॉपर या प्लास्टिक? डॉक्टर ने दिया जवाब

Best Water Bottle For Kids: स्कूल जाता है बच्चा तो डॉक्टर से जानिए उसे किस तरह की बोतल में पानी देकर भेजना चाहिए. स्टील, तांबा या प्लास्टिक, बच्चे के लिए कौन सी बोतल अच्छी है जानिए यहां.

best Water Bottle for school kids
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best Water Bottle for school kids

Water Bottle For School Kids: स्कूल जाने वाले बच्चे अपने साथ पानी की बोतल लेकर जाते हैं. पानी की बोतल किस मटीरियल से बनी है यह देखना जरूरी होता है. गलत बोतल से पानी पिया जाए तो बच्चे की सेहत को नुकसान भी हो सकता है. इसी बारे में बताते हुए पीडियाट्रिशियन डॉ. रवि मलिक (Dr. Ravi Malik) ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से वीडियो शेयर किया है और बताया है कि बच्चों के लिए प्लास्टिक, कांच, स्टेनलेस स्टील या तांबे की बोतल, कौन सी सबसे अच्छी है. इन बोतलों से पानी पीने के क्या फायदे और नुकसान हैं आइए डॉक्टर से ही जानते हैं.

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स्टील की बोतल

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डॉक्टर का कहना है कि बच्चे के लिए सबसे अच्छी बोतल स्टील की बोतल है. यह अगर गिर भी जाए तो इसमें किसी तरह के क्रैक्स नहीं पड़ते हैं और यह टूट नहीं सकती है. इसीलिए यह बच्चों के लिए बहुत अच्छा विकल्प है.

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कांच की बोतल

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बच्चे को कांच की बोतल दी जाए तो यह टूट सकती है, लेकिन यह साफ रहती है इसीलिए यह एक अच्छा ऑप्शन है.

तांबे की बोतल

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डॉक्टर का कहना है कि अगर कॉपर की बोतल में पानी बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है या इसमें नींबू पानी डाल दिया जाए तो कॉपर बाहर निकल सकता है और बच्चे को कई बार पेट दर्द या उल्टी तक हो सकती है.

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प्लास्टिक की बोतल

प्लास्टिक की बोतल 5 / 7

प्लास्टिक की बोतल गर्म हो जाती है तो इसमें से BPA नाम का एक केमिकल निकलता है जोकि पानी में मिल जाता है और बच्चे के शरीर में चला जाता है. BPA हॉर्मोलन इंबैलेंस भी कर सकता है और बच्चे में मोटापे की वजह भी बन सकता है. इससे बच्चे में बिहेवियर इशू भी देखे जा सकते हैं.

प्लास्टिक की बोतल में क्रैक्स

प्लास्टिक की बोतल में क्रैक्स 6 / 7

प्लास्टिक की बोतल को लेकर डॉक्टर का कहना है कि इस बोतल में क्रैक्स भी हो सकते हैं इससे इसमें माइक्रोब्स यानी बैक्टीरिया ग्रो कर सकते हैं जिससे इंफेक्शन भी हो सकता है.

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सबसे सेफ बोतल कौन सी है

सबसे सेफ बोतल कौन सी है 7 / 7

डॉ. रवि मलिक का कहना है कि बच्चे के लिए सबसे सुरक्षित बोतल स्टील की बोतल है. दूसरे नंबर पर BPA के बिना वाली प्लास्टिक बोतल का इस्तेमाल कर सकते हैं या कांच की बोतल का इस्तेमाल किया जा सकता है. यह भी पढ़ें -

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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