क्या आप जानते हैं दुनिया के "सबसे दुखी एस्केलेटर" के बारे में? जानिए कहां है The Saddest Escalator

The Saddest Escalator In The World: क्या आपने कभी दुनिया के सबसे दुखी एस्केलेटर के बारे में सुना है? जानिए कहां है यह वायरल एस्केलेटर और इसे क्यों मिला है यह नाम.

The Saddest Escalator In The World
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The Saddest Escalator In The World

The Saddest Escalator: इंटरनेट पर आजकल एक एस्केलेटर यानी बिजली से चलने वाली सीढ़ियां बेहद मशहूर हो रही हैं. ये सीढ़ियां अपने डिजाइन या टेक्नीक के लिए नहीं बल्कि इसपर चढ़ने से महसूस होने वाली भावना के लिए वायरल हैं. असल में इस एक्सकेलेटर को लोग दुनिया का सबसे दुखी एस्केलेटर बता रहे हैं और देखकर दुखी भी हो रहे हैं. असल में एस्केलेटर से व्यक्ति आमतौर पर मेट्रो या एयरपोर्ट के अंदर आता है या वहां से बाहर जाता है. यहां जिस एस्केलेटर का जिक्र किया जा रहा है यह एक एयरपोर्ट से फ्लाइट तक जाने का एस्केलेटर है और लोग इसे अपने अतीत या पिछले कल को छोड़कर आगे बढ़ जाने का प्रतीक या सभी को अलविदा कहने का सिंबल मान रहे हैं.

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कहां है दुनिया का सबसे दुखी एस्केलेटर

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दुनिया का सबसे दुखी एस्केलेटर यानी The Saddest Escalator In The World थाइलैंड के बैंकॉक स्थित सुवर्णभूमि एयरपोर्ट में है. इस एस्केलेटर पर चढ़ना और वीडियो बनाना सोशल मीडिया पर एक ट्रेंड बन गया है.

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अलविदा कहने का रास्ता

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यह एस्केलेटर एयरपोर्ट के इंटरनेशनल डिपार्चर और इमिग्रेशन काउंटर की तरफ जाता है. इस एस्केलेटर से सिर्फ पैसेंजर ही जा सकते हैं उनका परिवार या दोस्त नहीं. ऐसे में यह व्यक्ति की एकल यात्रा को दर्शाता है जहां से वह पीछे मुड़कर अपनों को अलविदा कहकर जाता है.

भागदौड़ भरी जिंदगी में वापस लौटना

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थाइलैंड में लोग ज्यादातर छुट्टियां मनाने आते हैं और कामकाजी जिंदगी से दूर वेकेशन का मजा लेते हैं. ऐसे में इन मौज के दिनों को छोड़ एकबार फिर भागदौड़ भरी जिंदगी में लौटते हुए इस एस्केलेटर पर चढ़ना एक दुखी एहसास देता है.

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सोशल मीडिया पर सिनेमेटिक ट्रेंड

सोशल मीडिया पर सिनेमेटिक ट्रेंड 5 / 7

सोशल मीडिया यूजर्स इस एस्केलेटर पर चढ़कर अपने फोटो खींचते हैं, वीडियो बनाते हैं और इनपर गाने लगाकर पोस्ट करते हैं. बैकग्राउंड में अक्सर ही भावुक कर देने वाला गाना लगाया जाता है. ऐसे में यह एस्केलेटर सिनेमेटिक ट्रेंड का हिस्सा बन गया है.

अकेलेपन का एहसास

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इस एस्केलेटर से ज्यादातर लोग छुट्टियों से वापस घर की तरफ या अपने घर से किसी दूसरे देश जाने के लिए निकलते हैं. ऐसे में यह जिंदगी में अकेले होने का एहसास देता है. पीछे मुड़कर देखने पर लोगों के चेहरे नजर आते हैं और सामने बस सीढ़ियां.

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एक सा एहसास

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दुनियाभर में लोग अपनेआप को एकदम अकेला महसूस करते हैं. इस एस्केलेटर पर चढ़ने वालों को एक अलग तरह का दुख, सबकुछ पीछे छोड़कर आगे बढ़ने की जो तकलीफ होती है दुनियाभर के लोग उसे समझ पाते हैं. इसीलिए इस सबसे दुखी एस्केलेटर पर महसूस होने वाली भावना से लोग खुद को रिलेट कर पा रहे हैं. यह भी पढ़ें -

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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