केमिकल से पके केले की ऐसे करें पहचान, खरीदने से पहले जरूर जानें ये टिप
मार्केट में आज के वक्त हालात इतनी खराब हो चुके हैं कि पनीर से लेकर तरह-तरह के खाने की चीजों में केमिकल मिलाया जा रहा है, जिसका असर लोगों की सेहत पर बुरी तरह पड़ता है. आपने अभी तक पनीर में केमिकल, दूध में केमिकल के बारे में सुना होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं मार्केट में अब ऐसे भी केले आ गए हैं, जिनको पकाने के लिए केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा है?

लोगों को टूट रहा भरोसा
2 / 8मार्केट में कई लोग ऐसे हैं, जिन्हें लोगों की सेहत से ज्यादा अपनी जेबों की फिक्र बनी रहती है, जिस कारण वह लोगों को अच्छा फल बता कर केमकिल वाला खतरनाक फल बेच देते हैं, जिससे उन्हें पैसे तो मिल जाते हैं, लेकिन वह फल खरीदार के लिए आफत बन जाता है. यही कारण है कि लोग मार्केट से फल या अन्य खाने की चीजों को लेने से लोग अब डरने लगे हैं.
केले को पकाने के लिए इस्तेमाल हो रहा केमकिल
3 / 8केला भारत में बड़ी मात्रा में खाया जाता है, जिसे खाने के कई फायदे भी होते हैं. ज्यादा डिमांड को देखते हुए कई लोग ऐसे भी मार्केट में घुस चुके हैं, जो लोगों को प्राकृतिक पका केला देने के बजाय केमकिल की मदद से जल्दी पका केला बेच रहे हैं.
अंतर पता कर पाना बेहद मुश्किल
4 / 8प्राकृतिक पका केला और केमिकल की मदद से जल्दी पका केला दोनों ही दिखने में आकर्षक होते हैं, जिस कराण आम लोग यह पता नहीं लगा पाते हैं कि कौन सा केला उनकी सेहत के लिए अच्छा है. ऐसे केले दिखने में आकर्षक जरूर होते हैं, लेकिन स्वाद और सेहत दोनों पर असर डाल सकते हैं.
कैसे करें सही पहचान?
5 / 8अगर आप भी अपने घर प्राकृतिक पका केमिकल फ्री केला लाना चाहते हैं, तो आपको बस कुछ टिप्स को केला खरीदते वक्त अपनाना होगा, जिसकी मदद से आप चुटकियों में सही चुनाव कर सकेंगे.
केला की डंठल खोलता है पोल
6 / 8केले की पहचान का सबसे आसान तरीका उसका डंठल को देखना है. अगर केले का डंठल हल्का हरा या प्राकृतिक रंग का है तो समझिए कि केला पेड़ पर ही पका है. लेकिन अगर पूरा केला एकदम पीला हो और डंठल भी सूखा या गहरा पीला दिखाई दे तो हो सकता है कि उसे जल्दी पकाने के लिए केमिकल का इस्तेमाल किया गया हो.
इस फर्क को भी समझें
7 / 8प्राकृतिक रूप से पका केला का रंग देखकर भी आप सही चुनाव कर सकते हैं. सही केला हल्का पीला, कहीं थोड़ा हरा या छोटे-छोटे धब्बों के साथ दिखाई दे सकता है. लेकिन जो केले केमिकल की मदद से पकाए जाते हैं, उनका रंग एकदम चमकीला और पूरी तरह समान पीले रंग के दिखते हैं. इस तरह भी आप केले की सही पहचान कर सकते हैं.
इस तरह भी कर सकतें चेक
8 / 8प्राकृतिक पका केले से हल्की खुशबू आती है और वह अंदर से नरम और मीठे होते हैं, लेकिन जो केले केमिकल की मदद से पकाए जाते हैं, वह अंदर से सख्त और बेस्वाद भी हो सकते हैं. इन तमाम टिप्स को अगर आप अपना लें, तो आप असानी से अपने घर पर असली और प्राकृतिक तरीके से पका केला ला सकते हैं और अपने परिवार को बीमार पड़ने से बचा सकते हैं. (Image: Pexles)