बच्चे बदतमीजी करें तो क्या करना चाहिए?
Bacha Badtameezi Kare To Kya Kare: अक्सर ही बच्चे बदतमीजी करते हैं तो पैरेंट्स उन्हें सुधारने की कोशिश में अलग-अलग पैंतरे आजमाते हैं. लेकिन, बच्चे को सही तरह से हैंडल ना किया जाए तो सिचुएशन बिगड़ भी सकती है.

Parenting Tips: बच्चों की परवरिश आसान काम नहीं है और कई बार बच्चों का व्यवहार अच्छा होने के बजाय बिगड़ जाता है और बिगड़ता चला जाता है. बच्चे कभी किसी बात को मानने से इंकार कर देते हैं तो कभी माता-पिता से जबान लड़ाने लगते हैं. इसे बच्चों की बदतमीजी भी कहा जा सकता है. लेकिन, बच्चे बदतमीजी करें तो उन्हें डांटकर चुप करा देना या उनकी पिटाई लगा देना समस्या का हल नहीं होता है. इस तरह से स्थिति सुधरने की बजाय बिगड़ भी सकती है और बच्चों को बदतमीजी बढ़ सकती है सो अलग. ऐसे में यहां जानिए बच्चे बदतमीजी (Child Misbehaves) करें तो उनकी इस बदतमीजी की आदत को सुधारने के लिए पैरेंट्स को क्या करना चाहिए.
गुस्से से चिल्लाए नहीं
2 / 7बच्चे बदतमीजी करते हैं ताकि पैरेंट्स को गुस्सा आए और वे अपना पारा खो दें. लेकिन, आपको संयम से काम लेना है. बच्चे की बदतमीजी पर गुस्सा नहीं करना है बल्कि शांत रहते हुए सिचुएशन हैंडल करनी है.
बच्चे को बताएं कि उसका व्यवहार गलत है
3 / 7शांत रहते हुए बच्चे को बताएं कि उसका व्यवहार गलत है और इस व्यवहार के कारण आपको तकलीफ हुई है. बच्चे को साफ शब्दों में और बिना चिल्लाए अपनी बात समझाने की कोशिश करें.
बच्चे को पॉजीटिव व्यवहार पर उसकी सराहना करें
4 / 7कई बार बच्चों को लगता है कि आप बस उसकी बुराई ही देखते हैं और ऐसे में बच्चों का व्यवहार और बिगड़ जाता है. ऐसे में बच्चे की बुराई करते रहने के बजाय उसकी अच्छी बातों पर भी गौर करें और अच्छे कामों के लिए उसकी सराहना करें.
टाइम आउट दे सकते हैं
5 / 7बच्चा जब बदतीमीजी करता है तो आप उसे टाइम आउट में डाल सकते हैं. इस समय में आप बच्चे को टीवी देखने से मना कर सकते हैं या उसे गेम्स खेलने से रोक सकते हैं. बच्चे को समझ आता है कि उसे बदतीमीजी करने पर सजा मिलेगी.
जब बच्चा शांत हो तो उससे बात करें
6 / 7जिस समय बच्चा बदतमीजी कर रहा होता है उस समय उसका पारा भी ज्यादा हो सकता है. ऐसे में इस समय बच्चे से बात करने के बजाय जब वह शांत हो जाए तब उससे बात करें.
बच्चे को सही और गलत का मतलब समझाना
7 / 7छोटे बच्चों को अक्सर ही सही और गलत का मतलब ही नहीं समझ आता और वे अपनी बदतमीजी को ही सही समझते हैं. ऐसे में बच्चे को बताए कि कौन सा व्यवहार सही है और कौन सा नहीं.