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IRCTC new ticket booking rule: भारतीय रेलवे ने ट्रेन टिकट की बुकिंग में दलालों की मनमानी पर शिकंजा कसते हुए टिकट आरक्षण में नए नियम लागू किए हैं. नए नियमों के बाद ट्रेन टिकट बुकिंग अब ज्यादा सुरक्षित हो गई है. तत्काल टिकट और एजेंट बुकिंग पर नई पाबंदियां लगाई गई हैं. जानें, IRCTC ने टिकट बुकिंग के नियमों में क्या-क्या किए बदलाव?

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केवल 60 दिन पहले ही बुक होगी टिकट: भारतीय रेलवे ने वर्ष 2026 से टिकट आरक्षण प्रणाली में बड़े बदलाव लागू किए हैं. अब ट्रेन टिकट केवल 60 दिन पहले ही बुक किए जा सकेंगे, जबकि पहले यह सीमा 120 दिन थी. टिकट बुकिंग और तत्काल टिकट के लिए आधार सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे फर्जी आईडी, बॉट्स और दलालों पर रोक लगेगी.

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आरक्षण चार्ट यात्रा से 8 घंटे पहले जारी होगा: बुकिंग खुलने के शुरुआती समय में एजेंटों पर प्रतिबंध रहेगा और आम यात्रियों को प्राथमिकता दी जाएगी. इसके अलावा आरक्षण चार्ट यात्रा से 8 घंटे पहले जारी होगा और डिजिटल सुविधाओं को भी मजबूत किया गया है. इन सुधारों का उद्देश्य टिकटिंग को पारदर्शी बनाना और यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ाना है.

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आधार आधारित सत्यापन हुआ अनिवार्य: नई व्यवस्था में आधार आधारित सत्यापन को अनिवार्य कर दिया गया है. अब IRCTC अकाउंट को आधार कार्ड से लिंक करना जरूरी होगा. साथ ही, बुकिंग खुलने के पहले 15 मिनट केवल आधार सत्यापित यात्रियों के लिए आरक्षित रहेंगे, जिससे बॉट्स और फर्जी अकाउंट्स पर प्रभावी नियंत्रण होगा.

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अधिकृत एजेंटों पर भी नए प्रतिबंध: रेलवे ने अधिकृत एजेंटों पर भी नए प्रतिबंध लगाए हैं. ट्रेन की बुकिंग शुरू होने के पहले 10 मिनट तक एजेंट टिकट नहीं बुक कर सकेंगे. इसके अलावा, 1 जुलाई 2026 से तत्काल टिकट बुकिंग के लिए भी आधार सत्यापन अनिवार्य होगा और पहले 30 मिनट एजेंटों को अनुमति नहीं मिलेगी.

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मोबाइल ऐप और डिजिटल डिस्प्ले करेंगे मदद: यात्रियों की सुविधा के लिए आरक्षण चार्ट अब यात्रा से 8 घंटे पहले जारी किया जाएगा, जिससे सीट और कोच की जानकारी समय रहते मिल सकेगी. साथ ही, मोबाइल ऐप और डिजिटल डिस्प्ले के जरिए प्लेटफॉर्म नंबर, ट्रेन की स्थिति और आगमन समय की रियल-टाइम जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी.

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कन्फर्म टिकट मिलने की बढ़ेगी संभावना: रेलवे का कहना है कि इन सुधारों से टिकट बुकिंग अधिक निष्पक्ष होगी, काला बाज़ार कमजोर पड़ेगा और आम यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी. यह कदम भारतीय रेलवे को आधुनिक और विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है.