Petrol Diesel Price Hike: बड़ा झटका! पेट्रोल-डीजल महंगा हुआ, जानें कितने रुपये तक बढ़े दाम?
आज 15 मई की सुबह देशवासियों को बड़ा झटका लगा है। तेल कंपनियों ने आखिरकार पेट्रोल और डीजल का रेट बढ़ा ही दिया। जी हां, आज देश में पेट्रोल-डीजल महंगा हो गया, लेकिन बता दें कि कंपनियां हर रोज इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों, टैक्स सिस्टम और रुपये की स्थिति के अनुसार कीमतों में बदलाव करती हैं।

आज सुबह 6 बजे सरकार ने पेट्रोल-डीजल का रेट ढाई से 3 रुपये तक बढ़ा दिया है। पेट्रोल का रेट 3.14 रुपये और डीजल का रेट 3.11 रुपये प्रति लीटर बढ़ाया गया है। ऐसे में आज से पेट्रोल का रेट 97.77 रुपये और डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर हो गया है। तेल कंपनियों ने मध्य रात्रि को ही पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ाने का ईमेल कर दिया था।
दूध-CNG के बाद बढ़े पेट्रोल के रेट
2 / 5बता दें कि पेट्रोल-डीजल का रेट बढ़ने के बाद अब लोगों की जेब पर बोझ और ज्यादा बढ़ गया है। इससे पहले अमूल और मदर डेयरी कंपनियों ने अपने दूध का रेट 2 रुपये बढ़ाकर झटका दिया था। वहीं कई शहरों में CNG का रेट भी बढ़ा है, जिससे लोगों का बजट बिगड़ा है।
कच्चे तेल के कारण बढ़ाने पड़े रेट
3 / 5दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के निवर्तमान अध्यक्ष निश्चल सिंघानिया ने के अनुसार, पेट्रोल-डीजल के रेट में बढ़ोतरी तेल कंपनियों के द्वारा इसलिए की गई है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है और रुपया भी कमजोर है। इसका कारण मिडिल ईस्ट में छिड़ा अमेरिका-ईरान का युद्ध और इस युद्ध के कारण होर्मुज स्ट्रेट का ब्लॉक होना है। यह भी पढ़ें: Petrol Diesel Purchase New Rule: अब इससे ज्यादा कीमत का नहीं भरवा सकते पेट्रोल और डीजल, जानें नया नियम
प्रधानमंत्री मोदी की खपत कम करने की अपील
4 / 5बता दें कि जब से मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका की जंग शुरू हुई थी, तभी से पेट्रोल-डीजल महंगा होने की चर्चा हो रही थी। रविवार और सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी ने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील करके ईंधन महंगा होने के संकेत दे दिए। अपील के 2 दिन बाद आज 15 मई को साल 2022 के बाद पहली बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिए गए।
तेल कंपनियों को भी हो रहा था घाटा
5 / 5पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अनुसार, इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल कीमतों में आए उछाल और अंडर रिकवरी के चलते ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को घाटा हो रहा है। कंपनियां रोजाना लगभग 1000 करोड़ रुपये का नुकसान उठा रही हैं। यह अंडर रिकवरी लगभग 1.98 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि तिमाही घाटा करीब 1 लाख करोड़ रुपये है। यह भी पढ़ें: Petrol-Diesel Latest Update: किस राज्य में होती है सबसे ज्यादा पेट्रोल डीजल की खपत; तेल खत्म हो जाए तो क्या है सरकार का प्लान B