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LPG Cylinder Crisis: मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग के कारण देश में कुकिंग गैस का संकट खड़ा हो गया था। पहले सिलेंडर के रेट बढ़े, फिर तेल सप्लाई बाधित होते से कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई बंद कर दी गई। अब देशवासियों को प्रायोरिटी के हिसाब से गैस सिलेंडर मिल रहे हैं। वहीं केंद्र सरकार ने ताजा स्थिति का अपडेट भी दिया है।
40 दिन का गैस स्टॉक मौजूद

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केंद्र सरकार का कहना है कि देश के पास करीब 40 दिन का LPG स्टॉक मौजूद है। कमर्शियल और इंडस्ट्री सेक्टर पर आशिंक रूप से असर जरूर पड़ सकता है, लेकिन घरेलू सिलेंडर की सप्लाई फिलहाल सेफ फिलहाल सुरक्षित है। कच्चे तेल के आयात के स्रोत बदले गए हैं और अब करीब 70 प्रतिशत गैस का आयात होर्मुज स्ट्रेट से बाहर के रासतों से किया जा रहा है।
40 देशों से कच्चे तेल का आयात

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सरकार के अनुसार, भारत की रोजाना कच्चे तेल की खपत करीब 55 लाख बैरल है। भारत अब करीब 40 देशों से कच्चा तेल आयात कर रहा है। कच्चे तेल के 2 कार्गो शिप भारत आ रहे हैं और रास्ते में हैं, जिससे गैस की आपूर्ति की और मजबूत होगी। देश की रिफाइनरियां तेजी से गैस का उत्पादन कर रही हैं और 100 प्रतिशत से अधिक उत्पादन क्षमता का इस्तेमाल कर रही हैं।
नेचुरल गैस कंट्रोल ऑर्डर जारी हुआ

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सरकार ने बताया कि प्राकृतिक गैस के मामले में भारत की कुल खपत करीब 189 MMSCMD है, जिसमें से 97.5 MMSCMD गैस का घरेलू उत्पादन होता है। मौजूदा परिस्थितियों के कारण करीब 47.4 MMSCMD गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है। इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने 9 मार्च को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत ‘नेचुरल गैस कंट्रोल ऑर्डर’ जारी किया है।
घरेलू पाइप गैस मिलती रहेगी

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नेचुरल गैस कंट्रोल ऑर्डर के अनुसार, प्राथमिक क्षेत्रों को गैस की पर्याप्त आपूर्ति मिलती रहेगी। इसके तहत घरेलू पाइप्ड गैस (PNG) और वाहनों के लिए CNG को 100 प्रतिशत आपूर्ति दी जा रही है। चाय उद्योग और अन्य उद्योगों को 80 प्रतिशत, जबकि उर्वरक संयंत्रों को करीब 70 प्रतिशत गैस दी जा रही है। रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल इकाइयों की गैस सप्लाई में लगभग 35 प्रतिशत कटौती की गई है।
कमर्शियल गैस में आई कमी

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सरकार का मतलब है कि पाइप के जरिए घरों में दी जाने वाली गैस में कमी नहीं आएगी। इसलिए घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है। लोगों को पहले की तरह ही गैस सिलेंडर की सप्लाई मिलती रहेगी। कमर्शियल सेक्टर जरूर चिंता में हैं। अगर कमर्शियल गैस की कमी बढ़ी तो बड़े शहरों में होटल और रेस्टोरेंट बंद हो सकते हैं, लेकिन जल्दी ही इस कमी को भी पूरा कर दिया जाएगा।