इंदौर से ओंकारेश्वर जाने वालों को बड़ी राहत, 1000 करोड़ से बन रहीं 3 सुरंगें
इंदौर और ओंकारेश्वर के बीच 1000 करोड़ की लागत से बन रहा 4-लेन प्रोजेक्ट सफर का समय आधा कर देगा. तीन अत्याधुनिक सुरंगें यात्रा को बेहद सुरक्षित बनाएंगी.

इंदौर से ओंकारेश्वर का सफर अब जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर का होने वाला है. 1000 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस 4-लेन प्रोजेक्ट में तीन आधुनिक सुरंगें खतरनाक मोड़ों को खत्म कर यात्रा का समय आधा कर देंगी.
सुरंगों से सीधा होगा रास्ता
2 / 7भैरूघाट, बाईग्राम और चोरल घाट के जोखिम भरे रास्तों को बायपास करने के लिए 1.8 किमी लंबी तीन सुरंगें बनाई जा रही हैं. ये सुरंगें न्यू ऑस्ट्रेलियन टनलिंग मेथड (NATM) तकनीक से तैयार हो रही हैं ताकि सफर सुरक्षित और सीधा हो सके.
समय की होगी बड़ी बचत
3 / 7अभी इंदौर से ओंकारेश्वर पहुंचने में करीब 3 घंटे का समय लगता है, लेकिन इस प्रोजेक्ट के बाद यह दूरी सिर्फ डेढ़ घंटे में पूरी होगी. यह मार्ग 2028 के सिंहस्थ मेले के दौरान उज्जैन और ओंकारेश्वर के बीच करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए वरदान साबित होगा.
मजबूत बुनियादी ढांचा
4 / 7सुरक्षा के लिए मार्ग पर 14 छोटे और एक बड़ा पुल बनाया जा रहा है, साथ ही रेलवे ओवरब्रिज और अंडरपास की सुविधा भी मिलेगी. क्रैश बैरियर और आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम के जरिए उन 'ब्लैक स्पॉट्स' को हमेशा के लिए खत्म कर दिया जाएगा जहां अक्सर हादसे होते थे.
आर्थिक तरक्की को रफ्तार
5 / 7यह सड़क इंदौर-हैदराबाद कॉरिडोर का अहम हिस्सा है, जिससे बुरहानपुर और दक्षिण भारत तक माल पहुंचाना काफी सस्ता और तेज हो जाएगा. इससे न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों को भी सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा.
आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल
6 / 7घाटी क्षेत्र की चुनौतियों से निपटने के लिए इलेक्ट्रॉनिक ब्लास्टिंग और वायाडक्ट का निर्माण युद्धस्तर पर जारी है. NHAI के अनुसार इस पूरे रूट को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह भविष्य की परिवहन जरूरतों को आसानी से पूरा कर सके.
दक्षिण का द्वार होगा सुगम
7 / 7इंदौर और खंडवा के बीच का यह 33.40 किमी लंबा खंड मध्य प्रदेश की कनेक्टिविटी को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा. यह प्रोजेक्ट पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदल देगा और इंदौर-एदलाबाद कॉरिडोर के जरिए व्यापारिक रिश्तों को और मजबूती देगा.



















