न ब्रह्मोस, न राफेल… फिर भी कांपेंगे चीन-पाकिस्तान, ₹26,000 करोड़ में ऐसा क्या प्लान कर रहा भारत?
भारत अब अंतरिक्ष से दुश्मनों पर नजर रखने के लिए 26,000 करोड़ रुपये का मेगा प्रोजेक्ट शुरू कर रहा है. इसके तहत 52 जासूसी सैटेलाइट्स का बेड़ा सीमाओं की कड़ी निगरानी करेगा.

2 / 6भारत अपनी सुरक्षा को अंतरिक्ष में नई ऊंचाई देने के लिए 52 सैन्य सैटेलाइट का एक विशाल बेड़ा तैयार करने की योजना बना रहा है. सरकार इस पूरे मिशन पर करीब 26,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी ताकि सीमाओं पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखी जा सके.
3 / 6इन सैटेलाइट्स की सबसे बड़ी ताकत इनकी नाइट विजन और हर मौसम में काम करने की क्षमता होगी जिससे रात के अंधेरे या बादलों के पीछे छिपी गतिविधि भी पकड़ी जा सकेगी. इसमें लगे खास इंफ्रारेड सेंसर और रडार सिस्टम खराब मौसम के बावजूद जमीन की बिल्कुल साफ तस्वीरें सेना तक पहुंचाएंगे.
4 / 6इस प्रोजेक्ट का पहला सैटेलाइट अप्रैल 2026 तक अंतरिक्ष में भेज दिया जाएगा और 2029 तक पूरा बेड़ा तैनात करने का लक्ष्य रखा गया है. इसरो जहां 21 उपग्रह बनाएगा वहीं बाकी के 31 सैटेलाइट निजी कंपनियों द्वारा तैयार किए जाएंगे जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम है.
5 / 6ये सैटेलाइट अलग-अलग कक्षाओं में रहकर काम करेंगे जिससे दुश्मन की लोकेशन पर दोबारा नजर डालने का समय काफी कम हो जाएगा. इससे भारतीय सेना को रियल टाइम डेटा मिलेगा जिससे सीमा पर सैनिकों के जमावड़े या किसी भी निर्माण का तुरंत पता चल सकेगा.
6 / 6पूरे सिस्टम का कंट्रोल डिफेंस स्पेस एजेंसी के पास होगा जो तीनों सेनाओं के बीच तालमेल बिठाकर दुश्मन को करारा जवाब देने में मदद करेगी. जमीनी बलों से लेकर नौसेना तक को इससे सटीक खुफिया जानकारी मिलेगी जिससे युद्ध जैसी स्थिति में भारत की स्थिति और भी मजबूत हो जाएगी.