92 दिनों में 7 ज्वालामुखी शिखर फतह, अनमिश वर्मा ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

भारतीय पर्वतारोही अनमिश वर्मा ने महज 92 दिनों में सातों महाद्वीपों के सबसे ऊंचे ज्वालामुखी शिखरों को फतह कर इतिहास रच दिया है. कठिन मौसम, ऊंचाई और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच हासिल की गई ये उपलब्धि भारत के लिए गर्व का क्षण है और युवाओं के लिए बड़ी प्रेरणा भी.

Indian Mountaineer Anmish Varma
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Credit: Social Media

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इतिहास रचने वाला भारतीय पर्वतारोही

इतिहास रचने वाला भारतीय पर्वतारोही2 / 9

भारतीय पर्वतारोही अनमिश वर्मा ने एक असाधारण उपलब्धि हासिल करते हुए “Seven Volcanic Summits” चैलेंज को मात्र 92 दिन, 4 घंटे और 45 मिनट में पूरा कर लिया. ये उपलब्धि न सिर्फ उनके पर्सनल करियर का सबसे बड़ा मुकाम है, बल्कि भारत के लिए भी गर्व का पल है. इतनी कम अवधि में इस चुनौती को पूरा करना बेहद दुर्लभ माना जाता है और इससे पहले बहुत कम लोग ऐसा कर पाए हैं.

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क्या है Seven Volcanic Summits चैलेंज?

क्या है Seven Volcanic Summits चैलेंज?3 / 9

“Seven Volcanic Summits” एक ग्लोबल पर्वतारोहण चुनौती है, जिसमें दुनिया के सातों महाद्वीपों के सबसे ऊंचे ज्वालामुखी शिखरों पर चढ़ाई करनी होती है. ये सामान्य पर्वतारोहण से कहीं ज्यादा कठिन माना जाता है, क्योंकि इसमें अलग-अलग भौगोलिक परिस्थितियों, मौसम और ऊंचाई के खतरों का सामना करना पड़ता है. हर महाद्वीप की अपनी अलग चुनौती होती है, जो इस मिशन को और भी कठिन बनाती है.

किन-किन ज्वालामुखी शिखरों पर चढ़ाई की?

किन-किन ज्वालामुखी शिखरों पर चढ़ाई की?4 / 9

अनमिश वर्मा ने इस मिशन के तहत सात प्रमुख ज्वालामुखी शिखरों को फतह किया, जिनमें शामिल हैं-
•माउंट एल्ब्रस (रूस/यूरोप)
•माउंट किलिमंजारो (अफ्रीका)
•माउंट दामावंद (ईरान/एशिया)
•पिको डी ओरिज़ाबा (मेक्सिको/नॉर्थ अमेरिका)
•ओजोस डेल सालाडो (चिली-अर्जेंटीना/साउथ अमेरिका)
•माउंट गिलुवे (पापुआ न्यू गिनी/ओशिनिया)
•माउंट सिडली (अंटार्कटिका)
इन सभी शिखरों की ऊंचाई और मौसम अलग-अलग हैं, जो इस अभियान को बेहद चुनौतीपूर्ण बनाते हैं.

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अभियान की शुरुआत और रणनीति

अभियान की शुरुआत और रणनीति5 / 9

अनमिश वर्मा ने इस चुनौती की शुरुआत रूस के माउंट एल्ब्रस से की. उन्होंने पहले से ही एक  योजना तैयार की थी, जिसमें मौसम, ट्रैवल टाइम, ऊंचाई के अनुकूलन (acclimatization) और शारीरिक तैयारी को ध्यान में रखा गया था. हर चढ़ाई के बीच बहुत कम समय था, इसलिए टाइम मैनेजमेंट इस मिशन की सफलता का सबसे बड़ा आधार बना.

कठिन परिस्थितियों में हौसले की जीत

कठिन परिस्थितियों में हौसले की जीत6 / 9

इस पूरे अभियान के दौरान अनमिश को -30 डिग्री तक की ठंड, तेज हवाएं, बर्फीले तूफान और ऑक्सीजन की कमी जैसी खतरनाक परिस्थितियों का सामना करना पड़ा. खासतौर पर अंटार्कटिका और दक्षिण अमेरिका के पर्वतों पर चढ़ाई बेहद कठिन रही. इन परिस्थितियों में मानसिक और शारीरिक संतुलन बनाए रखना ही सबसे बड़ी चुनौती थी.

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अंटार्कटिका है सबसे कठिन पड़ाव

अंटार्कटिका है सबसे कठिन पड़ाव7 / 9

माउंट सिडली (अंटार्कटिका) इस मिशन का सबसे कठिन हिस्सा माना जाता है. यहां का तापमान बेहद कम होता है और वहां तक पहुंचना भी आसान नहीं होता. सीमित संसाधन, लंबी दूरी और अलग-थलग वातावरण के बीच चढ़ाई करना किसी भी पर्वतारोही के लिए बड़ी परीक्षा होती है. अनमिश वर्मा ने इस चुनौती को सफलतापूर्वक पार कर अपने मिशन को पूरा किया.

फिटनेस और तैयारी का बड़ा रोल

फिटनेस और तैयारी का बड़ा रोल8 / 9

इस उपलब्धि के पीछे सालों की तैयारी और कड़ी ट्रेनिंग शामिल है. अनमिश वर्मा ने अपनी फिटनेस, स्टैमिना और मानसिक मजबूती पर लगातार काम किया. ऊंचाई पर शरीर को एडजस्ट करने की क्षमता और कठिन हालात में निर्णय लेने की योग्यता ने उन्हें इस मिशन में सफलता दिलाई.

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परिवार और टीम का सहयोग

परिवार और टीम का सहयोग9 / 9

किसी भी बड़े मिशन के पीछे एक मजबूत सपोर्ट सिस्टम होता है. अनमिश के परिवार, दोस्तों और उनकी टीम ने हर कदम पर उनका साथ दिया. लॉजिस्टिक्स, प्लानिंग और मानसिक समर्थन ने इस मिशन को संभव बनाया. (All Photos Credit: Social Media)

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लेखक के बारे में

Varsha Sikri

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वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
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