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Kidney ki Bimari Me Khujli Hona: हर साल मार्च के दूसरे गुरुवार को वर्ल्ड किडनी डे मनाया जाता है. इसका उद्देश्य किडनी की हेल्थ को लेकर लोगों को बताना है. आजकल किडनी से जुड़ी बीमारियां काफी होने लगी हैं. इससे जुड़ी बीमारी होने पर शरीर में कई तरह के लक्षण नजर आने लगते हैं जैसे पैरों में सूजन होना या थकान होना, लेकिन एक ऐसा लक्षण है जो मरीज को मानसिक और शारीरिक रूप से तोड़ देता है और वो है लगातार होने वाली खुजली होना. डॉक्टर के मुताबिक, इसे यूरिमिक प्रुरिटस. (Uremic Pruritus) कहा जाता है. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि किस स्टेज पर शुरू होती है और इसके पीछे के 5 बड़े वैज्ञानिक कारण क्या हैं.
किस स्टेज में खुजली होती है?

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किडनी की बीमारी के शुरुआती स्टेज में खुजली नहीं होती. यह समस्या टेज 3 के अंत में शुरू होती है जब किडनी काम करना बंद कर रही होती है.
फास्फोरस का बढ़ जाना

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किडनी खून से फास्फोरस को छानकर बाहर निकालती है, लेकिन खराब होने पर बढ़ा हुआ फास्फोरस कैल्शियम के साथ जुड़कर छोटे-छोटे क्रिस्टल बनाता है, जिससे खुजली होती है.
टॉक्सिन्स का जमा होना

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किडनी खून को साफ करती है जब किडनी फेल होने लगती है तो यूरिया जैसे जहरीले तत्व शरीर में इकट्ठा होकर नसों को उत्तेजित करते हैं और खुजली होती है.
ड्राई स्किन की वजह

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किडनी की बीमारी में पसीने और तेल की ग्रंथियां ठीक से काम नहीं करतीं, जिससे स्किन बहुत रूखी और पपड़ीदार हो जाती है. इसकी वजह से ही खुजली महसूस होती है.
हार्मोनल असंतुलन

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शरीर में मिनरल्स का बैलेंस बिगड़ने से पैराथायराइड हार्मोन बढ़ जाता है. इससे खुजली को ट्रिगर मिलता है और बेचैनी होने लगती है.
नसों की समस्या होना

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किडनी फेलियर की वजह से शरीर की संवेदी नसें डैमेज हो सकती हैं, जिससे बिना किसी रैश के भी खुजली महसूस होती है.